पोकरण कस्बे में फोर्ट रोड पर सुभाष चौक के पास रविवार को सुबह श्रद्धालुओं से एक भरी एक निजी बस अचानक गड्ढ़े में धंस गई। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि गत दिनों फोर्ट रोड पर पाइपलाइन लगाने का कार्य किया गया। इसके साथ ही पुरानी पाइपलाइन का लीकेज निकाला गया था। लीक पाइपलाइन से निकले पानी के कारण जमीन दलदली हो गई थी। लीकेज निकालकर गड्ढ़े को सही नहीं भरा गया।
जिसके कारण जमीन धंस रही थी। रविवार को सुबह गुजराती पर्यटकों की एक बस फोर्ट की तरफ जा रही थी। इस दौरान सुभाष चौक से पहले बस के पीछे का टायर यहां गड्ढ़े में धंस गया। जिससे बस झुक गई और यात्रियों में हड़कंप मच गया। सड़क संकरी होने और सुबह भीड़ होने से बस की गति धीरे थी और बस का टायर थोड़ा धंसते ही रुक गई। जिससे कोई हादसा नहीं हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।
आधे घंटे यातायात रहा बाधित
बस धंसने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। कुछ देर श्रद्धालु यहां खड़े रहे। इसके बाद वे पैदल ही फोर्ट भ्रमण के लिए निकल गए। क्रेन बुलवाकर बस को गड्ढ़े से निकाला गया और मार्ग से दूर खड़ा कर तकनीकी खराबी को ठीक किया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात भी बाधित हुआ।
कार पलटने से दो घायल, अन्य छह को लगी चोटें
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर जोधपुर रोड जिला सीमा बोर्ड के पास रविवार को एक कार पलटने से दो जने घायल हो गए। जबकि छह जनों को चोटें लगी। गुजरात के ऊंझा से कुछ श्रद्धालु रामदेवरा दर्शनों के लिए आए थे। वापिस जोधपुर की तरफ जाते समय लवां गांव से आगे जिला सीमा बोर्ड के पास संतुलन बिगडऩे से कार पलट गई। जिससे उसमें सवार जयेश (23) व सुनील (24) घायल हो गए। इसके साथ ही कार सवार सुनील, आरती, पूजा, विजय, कृष्णा व राहुल को भी चोटें लगी। उन्हें तत्काल पोकरण के राजकीय अस्पताल लाया गया। यहां उनका उपचार किया गया।
उपस्वास्थ्य केन्द्र का रुकवाया कार्य, जताया विरोध
पोकरण क्षेत्र की रातडिय़ा ग्राम पंचायत के रातियानाडा में निर्माणाधीन उपस्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कार्य रविवार को ग्रामीणों की ओर से रुकवाया गया। सरकार की ओर से रातियानाडा में स्वीकृत उपस्वास्थ्य केन्द्र के भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण कार्य पर एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किए जाने से भवन के कमजोर होने की आशंका है। जिससे हादसे का अंदेशा बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए बताया कि इस संबंध में जिम्मेदारों को अवगत भी करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया और अधिकारियों से गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।


