US-Iran War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बने ईरान के दो आत्मघाती (वन-वे अटैक) ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि आज मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बने ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना ईरानी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई
बता दें कि इस घटनाक्रम से पहले शनिवार तड़के अमेरिकी सेना ने होर्मुज के रणनीतिक क्षेत्र में स्थित ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर मौजूद तटीय रडार ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए की गई।
इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन की बौछार कर दी।
कुवैती अधिकारियों के मुताबिक सात बैलिस्टिक मिसाइलें आबादी वाले इलाकों के ऊपर से गुजरीं, जिससे कुछ ढांचागत नुकसान हुआ, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं, बहरीन में प्रशासन ने सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
ईरान और अमेरिका के दावों में अंतर
वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसके हमलों में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना है कि क्षेत्रीय एयर डिफेंस सिस्टम ने छह मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया, जबकि एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के लिए पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व का विशेष संदेश पहुंचाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान अब भी अमेरिका में जमे अपने करीब 24 अरब डॉलर के फंड जारी करने, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज से जुड़े रणनीतिक हितों को लेकर बातचीत में अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।
लेबनान मोर्चे पर भी बढ़ी चिंता
बता दें कि तनाव केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में एक सैन्य वाहन पर इजरायली हमले में लेबनानी सेना के तीन जवानों की मौत हो गई। इजरायल ने इस घटना की जांच की बात कही है।



Iran Army target US Military Base:- 
Retaliation may come from Iran, the hot conflict may start again at any moment.