US-IRAN Conflict: ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरा गालिबाफ के वरिष्ठ सलाहकार महदी मोहम्मदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संघर्ष-विराम के विस्तार को बेमतलब और चाल बताकर खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट ‘एक्स’ में लिखा, डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष-विराम के विस्तार का कोई मतलब नहीं है। हारने वाला पक्ष अपनी शर्तें नहीं थोप सकता। घेराबंदी जारी रखना बमबारी से अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से ही दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, डोनाल्ड ट्रंप का संघर्ष-विराम विस्तार निश्चित रूप से एक अचानक हमले के लिए समय निकालने की एक चाल है। अब ईरान के लिए पहल करने का समय आ गया है।
यहां बता दें कि मोहम्मदी की यह टिप्पणी तब आई है जब डोनाल्ड ट्रंप घोषणा कि है कि अमेरिका ईरान के साथ अपने दो सप्ताह के संघर्ष-विराम को बढ़ाएगा। इस तरह पिछली बार की तरह इस बार भी अपनी टिप्पणियों से पलट गए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि सैन्य कार्रवाई निश्चित है।
युद्ध विस्तार पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर कहा, संघर्ष-विराम तब तक जारी रहेगा जब तक ईरानी वार्ताकार कोई एकमत प्रस्ताव पेश नहीं कर देते। इस तथ्य के आधार पर कि ईरान की सरकार गंभीर रूप से बंटी हुई है… और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर… हमसे कहा गया है कि हम अपना हमला रोक दें। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपनी घेराबंदी बनाए रखेगी और बातचीत जारी रहने के दौरान तैयार और सक्षम बनी रहेगी।
पाकिस्तान ने खोली ट्रंप की पोल
अमेरिका के साथ बातचीत के मुद्दे पर कोई बंटवारा नहीं है, बल्कि सभी एकमत हैं। यह दावा पाकिस्तान की रक्षा मंत्रालय की सलाहकार मारिया सुल्तान ने अल जजीरा से बातचीत में की। उन्होंने कहा, मुख्य मुद्दों पर क्या हासिल करना है, इस पर ईरानी नेताओं के बीच सोच एक जैसी है। ईरान में अब फैसले मिलकर लिए जा रहे हैं। ईरान में सबकी राय ली जा रही है। इस्लामाबाद को भी लग रहा है कि ईरान मुद्दों को लेकर एकजुट है। उनकी यह टिप्पणी ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज करती है कि ईरान की सरकार बंटी हुई है।


