उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर धकेलने, धार्मिक एवं संवेदनशील स्थानों पर हमला करने और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की साजिश में शामिल शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज कर 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को यहां जारी बयान के अनुसार, यह गिरोह कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एवं पाकिस्तानी बदमाश शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम करता था। आरोप है कि नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को भर्ती करता था और बाद में उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था।
बयान के मुताबिक, आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस वर्ष 26 मई को अभियान चलाया। इस दौरान नेटवर्क से जुड़े करीब 175 संदिग्ध लोगों की जांच की गई। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद 12 मुकदमे दर्ज किए गए और 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उनके पास से पिस्तौल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ एवं आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, शासकीय गुप्त बात अधिनियम और सूचना-प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत लखनऊ के एटीएस थाने के अलावा हापुड़, गाजियाबाद और बिजनौर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर शहजाद भट्टी नेटवर्क और उसके सदस्यों को आतंकवादी घोषित करने की मांग की थी।
बयान के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले 12 अगस्त को पूरे राज्य में चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े तथा देश विरोधी एवं आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह वाले करीब 62 लोगों को चिह्नित कर उनसे पूछताछ की गई।

