छतरपुर जिले के महाराजपुर में 6 जून को पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे का विवाद हिंसक हो गया। वार्ड क्रमांक 4 के हनुमानटीक मोहल्ले में मकान की दीवार बनाने को लेकर चाचा-चाची और चचेरे भाई ने एक युवक और उसकी मां पर हमला कर दिया। मारपीट में युवक को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद महाराजपुर थाना पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित पंकज चौरसिया अपने हिस्से की जमीन पर मकान की दीवार बनवा रहे थे। इसी बीच उनकी चाची मीरा चौरसिया वहां पहुंच गईं और निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि चाची ने काम कर रहे मजदूरों को रोक दिया और खुद को चोट पहुंचाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस हंगामे के कारण मजदूरों ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। बचाने आई मां के साथ भी की मारपीट
काम रुकने के कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई, जो जल्द ही हाथापाई में तब्दील हो गई। इसी दौरान पंकज के चाचा महेंद्र चौरसिया और चचेरा भाई उमेश चौरसिया भी वहां आ धमके और उन्होंने पंकज को पीटना शुरू कर दिया। बेटे को पिटता देख पंकज की मां उषा चौरसिया जब बीच-बचाव करने आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस हिंसक हमले में पंकज के सिर, पीठ, कमर, दोनों हाथों और दाहिने कान में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनकी पुलिस पुष्टि कर रही है। थाने में नहीं हुई सुनवाई, एसपी ऑफिस में शिकायत के बाद केस दर्ज
पीड़ित पंकज चौरसिया का आरोप है कि उन्होंने निर्माण शुरू करने से पहले ही संभावित विवाद की आशंका जताते हुए महाराजपुर थाने में सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर महाराजपुर पुलिस ने महेंद्र चौरसिया, मीरा चौरसिया, उमेश चौरसिया और छोटू सहित चार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है। देखिए तस्वीरें…


