बक्सर में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी साहिला के आदेशानुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे के बाद कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों पर भी लागू होगा। प्रशासन को जानकारी मिली है कि कुछ विद्यालय अभी भी दोपहर 12 बजे के बाद संचालित हो रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए, जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी विद्यालयों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियां 12 बजे से पहले समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित घर भेजने का निर्देश दिया गया है। जिन विद्यालयों में दो शिफ्ट में पढ़ाई होती है, वहां भी दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच कोई कक्षा संचालित नहीं की जाएगी। मध्याह्न भोजन योजना को भी 12 बजे से पहले पूरा करने का निर्देश सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना को भी 12 बजे से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चों को तेज धूप में बाहर न रुकना पड़े। बच्चों को निर्जलीकरण से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रत्येक कक्षा शुरू होने से पहले 1-2 मिनट का वॉटर ब्रेक अनिवार्य किया गया है, और कक्षा के दौरान भी बच्चों को पानी पीने की अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों को घर भेजने से पहले उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, सभी स्कूलों को ओआरएस पाउडर का पर्याप्त भंडारण रखने और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। प्रार्थना सभा को खुले मैदान में कराने पर भी रोक तेज धूप और गर्म हवा से बचाव के लिए कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था भी इस प्रकार करने को कहा गया है कि बच्चे सीधे गर्मी के संपर्क में न आएं। जिन निजी विद्यालयों में परिवहन सुविधा उपलब्ध है, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी वाहन 12 बजे से पहले ही स्कूल परिसर से रवाना हो जाएं और उनमें पीने के पानी व ओआरएस की व्यवस्था हो। इसके अलावा सुबह की प्रार्थना सभा को खुले मैदान में कराने पर भी रोक लगाते हुए इसे विद्यालय के कॉरिडोर या छायादार स्थान पर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी विद्यालयों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। बक्सर में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी साहिला के आदेशानुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे के बाद कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों पर भी लागू होगा। प्रशासन को जानकारी मिली है कि कुछ विद्यालय अभी भी दोपहर 12 बजे के बाद संचालित हो रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए, जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी विद्यालयों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियां 12 बजे से पहले समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित घर भेजने का निर्देश दिया गया है। जिन विद्यालयों में दो शिफ्ट में पढ़ाई होती है, वहां भी दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच कोई कक्षा संचालित नहीं की जाएगी। मध्याह्न भोजन योजना को भी 12 बजे से पहले पूरा करने का निर्देश सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना को भी 12 बजे से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चों को तेज धूप में बाहर न रुकना पड़े। बच्चों को निर्जलीकरण से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रत्येक कक्षा शुरू होने से पहले 1-2 मिनट का वॉटर ब्रेक अनिवार्य किया गया है, और कक्षा के दौरान भी बच्चों को पानी पीने की अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बच्चों को घर भेजने से पहले उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, सभी स्कूलों को ओआरएस पाउडर का पर्याप्त भंडारण रखने और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। प्रार्थना सभा को खुले मैदान में कराने पर भी रोक तेज धूप और गर्म हवा से बचाव के लिए कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था भी इस प्रकार करने को कहा गया है कि बच्चे सीधे गर्मी के संपर्क में न आएं। जिन निजी विद्यालयों में परिवहन सुविधा उपलब्ध है, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी वाहन 12 बजे से पहले ही स्कूल परिसर से रवाना हो जाएं और उनमें पीने के पानी व ओआरएस की व्यवस्था हो। इसके अलावा सुबह की प्रार्थना सभा को खुले मैदान में कराने पर भी रोक लगाते हुए इसे विद्यालय के कॉरिडोर या छायादार स्थान पर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी विद्यालयों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


