हाथरस में अज्ञात शव की शिनाख्त का मामला उलझ गया है। एक ही शव पर दो अलग-अलग परिवारों ने दावा किया है। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस अब दोनों परिवारों के सदस्यों का डीएनए टेस्ट करा रही है। यह शव 9 मई को सासनी-इगलास मार्ग स्थित नव निर्मित दुर्गा धाम कॉलोनी के पास मिला था। शुरुआती पहचान के आधार पर एक मुस्लिम परिवार ने शव को अपने परिजन का मानते हुए मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया था। बाद में एक हिंदू फैमिली सामने आई, जिसने शव की पहचान 31 वर्षीय सुभाष उर्फ सूसा के रूप में की। इसके बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया और शव की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दोनों परिवारों के लिए गए DNA सैंपल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले एक परिवार के सदस्यों के डीएनए सैंपल लिए। इसके बाद दूसरे परिवार के भी सैंपल लिए गए। इनमें मृतक हाशिम के बड़े भाई कासिम और पिता साबिर खां के सैंपल भी शामिल हैं। परिवार ने शव को अपना परिजन समझकर दफनाया था। रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी स्थिति अब पुलिस और प्रशासन डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद शव वास्तव में किस परिवार के सदस्य का है। फिलहाल मामले को लेकर दोनों परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।


