कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र में मिट्टी लाने गए युवक अजीत यादव की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने शव को सड़क पर रखकर खड्डा-पडरौना मार्ग स्थित NH-27B को लगभग दो घंटे तक जाम रखा। पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने पर सहमत हुए। जानकारी के अनुसार, जिंदा छपरा निवासी अजीत यादव 9 मई की शाम अपने मामा छोटेलाल यादव के साथ ट्रैक्टर से भुजौली बुजुर्ग जमुनिया टोला में मिट्टी लेने गए थे। यह मिट्टी अजीत के भाई, जो भारतीय सेना में तैनात हैं, उनके निर्माणाधीन घर के लिए लाई जा रही थी। मिट्टी लेकर लौटते समय भुजौली और धनुजी गांव के बीच सड़क किनारे बैठे कुछ युवकों से रास्ता देने को लेकर विवाद हो गया। बताया गया कि कई बार हॉर्न बजाने के बावजूद युवक रास्ते से नहीं हटे, जिसके बाद कहासुनी शुरू हुई। परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे बैठे युवक नशे में थे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में एक ऑटो से लगभग आठ लोग डंडे और धारदार हथियार लेकर मौके पर पहुंचे और अजीत यादव तथा उनके मामा छोटेलाल यादव पर हमला कर दिया। हमले में अजीत गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि छोटेलाल यादव को भी चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुर्कहा पहुंचाया गया। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में अजीत की बिगड़ती हालत के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजा गया। लगभग तीन दिन तक चले इलाज के बाद बुधवार, 13 मई की शाम अजीत यादव की मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में मौत हो गई। अजीत यादव तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार के अनुसार एक भाई भारतीय सेना में तैनात हैं, जबकि अजीत पिछले दो वर्षों से महराजगंज जिले के हेवाती इलाके में मेडिकल स्टोर चलाते थे।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मौके से तीन युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद खदेरू पुत्र महंगू, छोटेलाल पुत्र महंगू और अब्बास अंसारी पुत्र आलमदीन निवासी भुजौली खुर्द, थाना खड्डा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने धारदार हथियार से हमला किया था। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे परिजन और ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए। NH-27B जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
सूचना मिलने पर खड्डा थाना अध्यक्ष संदीप सिंह और क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर निष्पक्ष कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। करीब दो घंटे बाद परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए गोरखपुर भेजने पर सहमत हुए।


