मिर्जापुर में आंधी-तूफान से 13 लोगों की मौत:25 से अधिक घायल, पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित

मिर्जापुर में आंधी-तूफान से 13 लोगों की मौत:25 से अधिक घायल, पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित

मिर्जापुर में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से भारी तबाही हुई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ गिरने, मकानों की दीवारें ढहने और टिनशेड उड़ने की घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूटने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। मृतकों में गड़गेड़ी थाना चील्ह निवासी राम आसरे जायसवाल (70), मोहनपुर भवरख थाना पड़री निवासी सरोज देवी (48), सारी पोखरी निवासी अंशु (9), महेवा निवासी बिहारी लाल बिंद (65), धर्मदेवा निवासी अक्षय बिंद (14), कोलकम थाना लालगंज निवासी नीलम देवी (35), झिंगहा निवासी श्याम बहादुर कोल (24), सेमरा थाना कछवा निवासी बबलू सिंह (45), भलवा थाना जमालपुर निवासी मंगला प्रसाद (50), श्रुतिहार निवासी कोलाऊ (50), सक्तेशगढ़ क्षेत्र के एक अज्ञात व्यक्ति और पंचेगड़ा निवासी राजधर (53) शामिल हैं। तेज हवाओं के कारण गंगा नदी पर बने शास्त्री सेतु पर आवागमन रोक दिया गया था। चील्ह थाना क्षेत्र के गड़गेड़ी गांव में चारपाई पर सो रहे राम आसरे जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। तूफान की तेज रफ्तार के कारण जिलेभर में दर्जनों पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। चील्ह-गोपीगंज मार्ग पर तिलठी चौराहे पर एक विशाल नीम का पेड़ गिरने से दो बाइकें दब गईं। उपधान बस्ती के पास पीपल का पेड़ गिरने से चील्ह-गोपीगंज मार्ग लगभग दो घंटे तक बाधित रहा। मिर्जापुर-औराई मार्ग समेत कई अन्य संपर्क मार्गों पर भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और स्थानीय ग्रामीण रास्तों को साफ करने में जुटे रहे। आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। कई गांवों में विद्युत खंभे टूटकर गिर गए। अचानक बदले मौसम और इस प्राकृतिक आपदा से पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हुई हैं। नगर सहित कई ग्रामीण अंचलों में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।

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