‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पाक का साथ देने वाले तुर्की की हवा टाइट, समुद्र में रूस ने जहाज को किया तबाह तो बौखला उठा

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पाक का साथ देने वाले तुर्की की हवा टाइट, समुद्र में रूस ने जहाज को किया तबाह तो बौखला उठा

ऑपरेशन सिंदूर‘ के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान को ‘तुर्की’ ने खुलकर सपोर्ट किया था। उसने सीधे तौर पाकिस्तान को आक्रामक हथियार, ड्रोन और तकनीकी सहायता प्रदान की थी। अब वह आफत में पड़ गया है।

दरअसल, ब्लैक सी में तुर्की के एक जहाज पर रूस ने ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में दो तुर्की नागरिक घायल हो गए। इस घटना के बाद तुर्की पूरी तरह से बौखला उठा है।

तुर्की सरकार ने इस मामले में यूक्रेन-रूस को सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी ऐसा कदम न उठाए जिससे युद्ध अनियंत्रित रूप ले ले।

यूक्रेन से तुर्की जा रहा था जहाज

तुर्की विदेश मंत्रालय ने बताया कि वानुअतु झंडे वाला जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से सूखा माल लेकर तुर्की जा रहा था। 28 मई की रात यूएवी (ड्रोन) से अचानक हमला हुआ।

इसमें चालक दल के दो तुर्की सदस्य हल्की चोटें आईं। अब उनकी हालत स्थिर है और ओडेसा में तुर्की वाणिज्य दूतावास उनकी देखभाल कर रहा है।

तुर्की का कहना है कि हाल के दिनों में ब्लैक सी इलाके में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध तेज हुआ है। इससे पूरे क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है। तुर्की ने सभी संबंधित देशों से कहा है कि वे नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

तुर्की लंबे समय से इस युद्ध को बातचीत से खत्म करने की वकालत कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे उपाय किए जाएं जो युद्ध रोकने में मदद करें और शांति की प्रक्रिया तेज हो।

रोमानिया में भी रूसी ड्रोन का हमला

इसी दौरान एक और चौंकाने वाली घटना हुई। रूस का एक ड्रोन रोमानिया के एयरस्पेस में घुस आया और गलाती इलाके में एक आवासीय इमारत पर गिर गया।

इससे आग लग गई और दो लोग घायल हो गए। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। घायलों को गलाती काउंटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रोमानिया ने बताया कि गुरुवार रात रूस ने यूक्रेन के लक्ष्यों पर ड्रोन हमले किए थे जो रोमानिया की नदी सीमा के पास हुए। इस घटना से यूरोप में भी तनाव बढ़ गया है।

तुर्की की दोहरी मजबूरी

तुर्की भले ही यूक्रेन-रूस युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता हो, लेकिन अब खुद उसके जहाज निशाने पर आ रहे हैं। ब्लैक सी में व्यापार के लिए यह इलाका बहुत महत्वपूर्ण है। तुर्की का अनाज निर्यात और ऊर्जा संबंधी रूट यहां से गुजरते हैं।

अगर यहां स्थिति बिगड़ी तो तुर्की की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। तुर्की ने पहले भी कई बार कहा था कि ब्लैक सी में सिविलियन जहाजों की सुरक्षा जरूरी है। लेकिन अब जब खुद उनका जहाज टारगेट हुआ है तो उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने सभी पक्षों से फौरन संयम बरतने की अपील की है।

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