ट्रिपल मर्ड के आरोपी का हो सकता है नार्के टेस्ट:पुलिस ने दी कोर्ट में अर्जी; अदालत ने केस डायरी जमा करने को कहा

ट्रिपल मर्ड के आरोपी का हो सकता है नार्के टेस्ट:पुलिस ने दी कोर्ट में अर्जी; अदालत ने केस डायरी जमा करने को कहा

एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी रवींद्र सिंह का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराने के लिए पुलिस ने न्यायालय में आवेदन दिया। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई से पहले केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए आवेदन वापस कर दिया। अब पुलिस केस डायरी के साथ दोबारा आवेदन दाखिल करेगी। पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि रवींद्र सिंह हत्या के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। पूछताछ के दौरान वह कई बार अलग-अलग बयान दे चुका है। इसी वजह से पुलिस ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट के जरिए हत्याकांड की वास्तविक वजह जानने की कोशिश करेगी।

पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या बताते चलें कि 11 मई की सुबह जमशेदपुर में टाटा स्टील से रिटायर रवींद्र प्रसाद सिंह (60) ने अपनी पत्नी सरिता सिंह (55), तीन माह की गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह (32) और बेटे रविशेक सिंह (30) की कुल्हाड़ी और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आत्मग्लानि होने पर आत्महत्या की कोशिश की। इस मामले में हुई प्रारंभिक जांच और परिवार वालों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद रवींद्र सिंह को भविष्य की चिंता सता रही थी। आर्थिक पहलू की भी गहराई से जांच
मामले में पुलिस आर्थिक पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है। जांच टीम ने रवींद्र सिंह के बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभिन्न बैंकों को पत्र भेजकर खाते और लेनदेन से जुड़े विवरण मांगे गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टाटा स्टील से सेवानिवृत्ति के बाद मिली बड़ी रकम कहां खर्च की गई। बेटे और बेटी से भी होगी पूछताछ
पुलिस अब रवींद्र के बड़े बेटे अभिषेक और बेटी प्रिया से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। दोनों से परिवार के भीतर चल रहे विवाद, आर्थिक स्थिति और रवींद्र सिंह के व्यवहार को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी। जेल अस्पताल के विशेष वार्ड में शिफ्ट
जमशेदपुर के एग्रिको में हुए ट्रिपल मर्डर मामले के मुख्य आरोपी रवींद्र प्रसाद सिंह को घाघीडीह केंद्रीय कारा प्रशासन ने हाई-रिस्क बंदी घोषित करते हुए विशेष निगरानी में रखा है। उसकी हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ जेल कर्मियों की लगातार नजर बनी हुई है। सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे जेल अस्पताल के विशेष वार्ड में शिफ्ट किया गया है। जेल अधीक्षक अजय प्रजापति ने बताया कि आरोपी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उसके आसपास ऐसे कैदियों को रखा गया है, जिनका व्यवहार शांत और संतुलित हो, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में बंदी की सुरक्षा के साथ-साथ अन्य कैदियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी रवींद्र सिंह का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग कराने के लिए पुलिस ने न्यायालय में आवेदन दिया। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई से पहले केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए आवेदन वापस कर दिया। अब पुलिस केस डायरी के साथ दोबारा आवेदन दाखिल करेगी। पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि रवींद्र सिंह हत्या के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। पूछताछ के दौरान वह कई बार अलग-अलग बयान दे चुका है। इसी वजह से पुलिस ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट के जरिए हत्याकांड की वास्तविक वजह जानने की कोशिश करेगी।

पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या बताते चलें कि 11 मई की सुबह जमशेदपुर में टाटा स्टील से रिटायर रवींद्र प्रसाद सिंह (60) ने अपनी पत्नी सरिता सिंह (55), तीन माह की गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह (32) और बेटे रविशेक सिंह (30) की कुल्हाड़ी और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आत्मग्लानि होने पर आत्महत्या की कोशिश की। इस मामले में हुई प्रारंभिक जांच और परिवार वालों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद रवींद्र सिंह को भविष्य की चिंता सता रही थी। आर्थिक पहलू की भी गहराई से जांच
मामले में पुलिस आर्थिक पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है। जांच टीम ने रवींद्र सिंह के बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभिन्न बैंकों को पत्र भेजकर खाते और लेनदेन से जुड़े विवरण मांगे गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि टाटा स्टील से सेवानिवृत्ति के बाद मिली बड़ी रकम कहां खर्च की गई। बेटे और बेटी से भी होगी पूछताछ
पुलिस अब रवींद्र के बड़े बेटे अभिषेक और बेटी प्रिया से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। दोनों से परिवार के भीतर चल रहे विवाद, आर्थिक स्थिति और रवींद्र सिंह के व्यवहार को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी। जेल अस्पताल के विशेष वार्ड में शिफ्ट
जमशेदपुर के एग्रिको में हुए ट्रिपल मर्डर मामले के मुख्य आरोपी रवींद्र प्रसाद सिंह को घाघीडीह केंद्रीय कारा प्रशासन ने हाई-रिस्क बंदी घोषित करते हुए विशेष निगरानी में रखा है। उसकी हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ जेल कर्मियों की लगातार नजर बनी हुई है। सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे जेल अस्पताल के विशेष वार्ड में शिफ्ट किया गया है। जेल अधीक्षक अजय प्रजापति ने बताया कि आरोपी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उसके आसपास ऐसे कैदियों को रखा गया है, जिनका व्यवहार शांत और संतुलित हो, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में बंदी की सुरक्षा के साथ-साथ अन्य कैदियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।  

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