2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। ये दोनों पटियाला में चल ने सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट निकहत जरीन को 51 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी ने 4-1 से हराया। वहीं, 48 किग्रा की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी ने नीतू घंघास को से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने हैं, जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर में जापान में एशियाई खेलों का आयोजन होगा। ट्रेडिशनल ट्रायल सिस्टम लौटा, प्लेयर्स की दो राय BFI ने एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले बॉक्सर्स को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफाई माना था। जिन वेट कैटेगरी के बॉक्सर फाइनल में नहीं पहुंचे थे, उनके प्रदर्शन का अंकों के आधार पर मूल्यांकन कर चयन किया जाना था। हालांकि, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने इन वेट कैटेगरी के लिए ओपन ट्रायल्स से CWG और वर्ल्ड कप के खिलाड़ियों के चयन के निर्देश दिए। साथ ही असेसमेंट सिस्टम को पारदर्शी न होने के कारण सस्पेंड कर दिया था। अधिकांश मुक्केबाजों ने SAI के इस फैसले को सही ठहराया। यहां इंटरनेशनल बॉक्सर्स का कहना है कि ट्रायल सिस्टम अधिक निष्पक्ष है। एक मुक्केबाज ने कहा- ‘ट्रायल में सब कुछ सामने होता है। अगर मैं हारता हूं, तो मुझे पता है कि कहाँ कमी रह गई, जबकि पुराने सिस्टम में हमें हफ्तों लिस्ट का इंतजार करना पड़ता था।’ हालांकि, कुछ मुक्केबाजों का कहना है कि इससे चुनिंदा राज्यों का दबदबा बढ़ेगा।
प्रमुख नतीजे प्रीति पवार सहित 4 महिला बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई
महिला वर्ग में प्रीत पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। जबकि पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जगह पक्की कर ली है। बाकी चार वेट कैटेगरी – 55 किग्रा, 65 किग्रा, 70 किग्रा और +90 किग्रा के लिए ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। जीतने वाले मुक्केबाज चेकिया में कैंप में जाएंगे
जीतने वाले मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए चेकिया (Czechia) में लगने वाले एक्सपोजर कैंप में जाएंगे। वहीं, दूसरे स्थान पर रहने वाले मुक्केबाज जून में चीन में होने वाले वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग वर्ल्ड कप सीरीज-2 का आयोजन 15 से 20 जून तक चीन में होगा। ——————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रिपोर्ट- खिलाड़ियों का पैसा अफसरों की खेल सुविधाओं पर खर्च, स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट बनाए जिस पैसे से ओलिंपिक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को ट्रेनिंग मिलनी थी, उससे दिल्ली के बड़े अधिकारी अपने रिहायशी इलाकों में स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट चमका रहे हैं। यह खुलासा ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में हुआ है। इसके अनुसार नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (NSDF) का करोड़ों रुपया ब्यूरोक्रेट्स की सोसायटियों और क्लबों में डाइवर्ट किया गया। पढ़ें पूरी खबर 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और नीतू घंघास का 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया है। ये दोनों पटियाला में चल ने सिलेक्शन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गईं। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट निकहत जरीन को 51 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी ने 4-1 से हराया। वहीं, 48 किग्रा की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी ने नीतू घंघास को से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने हैं, जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर में जापान में एशियाई खेलों का आयोजन होगा। ट्रेडिशनल ट्रायल सिस्टम लौटा, प्लेयर्स की दो राय BFI ने एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले बॉक्सर्स को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफाई माना था। जिन वेट कैटेगरी के बॉक्सर फाइनल में नहीं पहुंचे थे, उनके प्रदर्शन का अंकों के आधार पर मूल्यांकन कर चयन किया जाना था। हालांकि, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने इन वेट कैटेगरी के लिए ओपन ट्रायल्स से CWG और वर्ल्ड कप के खिलाड़ियों के चयन के निर्देश दिए। साथ ही असेसमेंट सिस्टम को पारदर्शी न होने के कारण सस्पेंड कर दिया था। अधिकांश मुक्केबाजों ने SAI के इस फैसले को सही ठहराया। यहां इंटरनेशनल बॉक्सर्स का कहना है कि ट्रायल सिस्टम अधिक निष्पक्ष है। एक मुक्केबाज ने कहा- ‘ट्रायल में सब कुछ सामने होता है। अगर मैं हारता हूं, तो मुझे पता है कि कहाँ कमी रह गई, जबकि पुराने सिस्टम में हमें हफ्तों लिस्ट का इंतजार करना पड़ता था।’ हालांकि, कुछ मुक्केबाजों का कहना है कि इससे चुनिंदा राज्यों का दबदबा बढ़ेगा।
प्रमुख नतीजे प्रीति पवार सहित 4 महिला बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई
महिला वर्ग में प्रीत पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। जबकि पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जगह पक्की कर ली है। बाकी चार वेट कैटेगरी – 55 किग्रा, 65 किग्रा, 70 किग्रा और +90 किग्रा के लिए ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। जीतने वाले मुक्केबाज चेकिया में कैंप में जाएंगे
जीतने वाले मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए चेकिया (Czechia) में लगने वाले एक्सपोजर कैंप में जाएंगे। वहीं, दूसरे स्थान पर रहने वाले मुक्केबाज जून में चीन में होने वाले वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में हिस्सा लेंगे। बॉक्सिंग वर्ल्ड कप सीरीज-2 का आयोजन 15 से 20 जून तक चीन में होगा। ——————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रिपोर्ट- खिलाड़ियों का पैसा अफसरों की खेल सुविधाओं पर खर्च, स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट बनाए जिस पैसे से ओलिंपिक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को ट्रेनिंग मिलनी थी, उससे दिल्ली के बड़े अधिकारी अपने रिहायशी इलाकों में स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट चमका रहे हैं। यह खुलासा ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में हुआ है। इसके अनुसार नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (NSDF) का करोड़ों रुपया ब्यूरोक्रेट्स की सोसायटियों और क्लबों में डाइवर्ट किया गया। पढ़ें पूरी खबर
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर


