इन 5 मुस्लिम अभिनेत्रियों के बयानों ने इंडस्ट्री के माहौल पर किए थे तीखे वार, 3 तो छोड़ चुकी हैं बॉलीवुड

इन 5 मुस्लिम अभिनेत्रियों के बयानों ने इंडस्ट्री के माहौल पर किए थे तीखे वार, 3 तो छोड़ चुकी हैं बॉलीवुड

Muslim actresses statements Bollywood: बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, इसके अंदर की हकीकत उतनी ही कठिन होती है। अक्सर हम पर्दे पर सितारों को मुस्कुराते हुए देखते हैं, लेकिन जब इन अभिनेत्रियों को मौका मिलता है तो समय-समय पर ये अभिनेत्रिया इस चकाचौंध के पीछे छिपे मुद्दों, भेदभाव और काम के माहौल पर अपनी बेबाक राय रखकर सबको चौंका भी देती हैं। हाल के सालों में कुछ मुस्लिम अभिनेत्रियों ऐसी हैं जिन्होंने ऐसे बयान दिए और खुलासे किए जिससे फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की स्थिति और उनकी आजादी पर एक नई बहस छिड़ चुकी है। आइये जानते हैं उन्हीं कुछ एक्ट्रेसेस के बारे में है…जिनकी राय से मच चुका है हड़कंप…

इन 5 अभिनेत्रियों ने की थी धर्म और इंडस्ट्री पर बात (Muslim actresses statements Bollywood)

पहला नाम: इस फेहरिस्त में सबसे पहला और चौंकाने वाला नाम ‘दंगल’ गर्ल जायरा वसीम का आता है। जायरा ने जब सफलता के शिखर पर होते हुए एक्टिंग छोड़ने का फैसला किया, तो सोशल मीडिया पर तूफान आ गया था। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उन्होंने ये बड़ा कदम क्यों उठाया। इसके बाद उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया और साफ तौर पर कहा कि यह इंडस्ट्री उनके धार्मिक और निजी मूल्यों के बीच आ रही है। उनके इस फैसले ने देश को दो हिस्सों में बांट दिया था- कुछ ने इसे उनकी निजी आजादी बताया, तो कुछ ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया था।

Muslim actresses statements Bollywood

दूसरा नाम: ‘बिग बॉस’ फेम सना खान ने भी ग्लैमर की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। सना ने बताया था कि वह शोहरत और ग्लैमर के इस शोर से दूर एक शांत और रूहानी जिंदगी जीना चाहती हैं। उनके इस हृदय परिवर्तन ने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया था, लेकिन सना अपने फैसले पर अडिग रहीं।

Muslim actresses statements Bollywood

तीसरा नाम: दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी की बात करें तो वह किसी एक धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की आवाज मानी जाती हैं। उन्होंने कई बार इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और समानता के मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। शबाना का मानना है कि सिनेमा को समाज का आईना होना चाहिए, न कि सिर्फ मनोरंजन का जरिया।

अभिनेत्री शबाना आजमी

चौथा नाम: इसी तरह हुमा कुरैशी ने ‘बॉडी शेमिंग’ और खूबसूरती के तय पैमानों के खिलाफ मोर्चा खोला था। हुमा ने बेबाकी से कहा था कि किसी भी कलाकार की काबिलियत उसके ‘जीरो फिगर’ से नहीं, बल्कि उसके अभिनय से तय होनी चाहिए। उन्होंने इंडस्ट्री में महिलाओं को लेकर बनाई जाने वाली धारणाओं पर कड़ा प्रहार किया था।

हुमा कुरैशी

पांचवा नाम: नुसरत जहां का नाम अक्सर विवादों और चर्चाओं में रहता है। अपनी शादी से लेकर अपने व्यक्तिगत फैसलों तक, नुसरत ने हमेशा समाज की रूढ़िवादी सोच को चुनौती दी थी। उन्होंने साफ कहा कि एक महिला क्या पहनती है या वह अपनी जिंदगी कैसे जीती है, यह उसका अधिकार है। इंडस्ट्री में हर बात पर विवाद हो जाता है।

नुसरत जहां

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