कटिहार में 8 जून 2026 को समाहरणालय विकास भवन में खरीफ महाअभियान-सह-जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों, प्रखंड स्तरीय कृषि कर्मियों तथा किसान सलाहकारों ने भाग लिया। उन्हें खरीफ मौसम 2026 से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कृषि कर्मियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित करें और कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। अधिकारी ने सभी कृषि कर्मियों से किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने और विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने की अपील भी की। बैठक में 1 जून से 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ को सफल बनाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, फसल विविधीकरण योजना के तहत धान, रागी, मक्का और अन्य फसलों के क्षेत्र विस्तार के निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान प्रक्रिया है। इसके माध्यम से किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि 12 मई से 30 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान में अपेक्षित उपलब्धि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इस स्थिति को देखते हुए, 9, 10 और 11 जून को तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इन दिनों राजस्व विभाग द्वारा किए गए परिसीमन और दाखिल-खारिज से संबंधित अभिलेखों के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को गति दी जाएगी। कटिहार में 8 जून 2026 को समाहरणालय विकास भवन में खरीफ महाअभियान-सह-जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों, प्रखंड स्तरीय कृषि कर्मियों तथा किसान सलाहकारों ने भाग लिया। उन्हें खरीफ मौसम 2026 से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कृषि कर्मियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित करें और कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। अधिकारी ने सभी कृषि कर्मियों से किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने और विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने की अपील भी की। बैठक में 1 जून से 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ को सफल बनाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, फसल विविधीकरण योजना के तहत धान, रागी, मक्का और अन्य फसलों के क्षेत्र विस्तार के निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान प्रक्रिया है। इसके माध्यम से किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि 12 मई से 30 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान में अपेक्षित उपलब्धि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इस स्थिति को देखते हुए, 9, 10 और 11 जून को तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इन दिनों राजस्व विभाग द्वारा किए गए परिसीमन और दाखिल-खारिज से संबंधित अभिलेखों के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को गति दी जाएगी।


