अररिया के ओम नगर में नई सड़क पर जलजमाव:27 लाख की सड़क की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, नगर परिषद बोली- समाधान कराया जा रहा

अररिया के ओम नगर में नई सड़क पर जलजमाव:27 लाख की सड़क की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, नगर परिषद बोली- समाधान कराया जा रहा

अररिया शहर के ओम नगर, वार्ड संख्या-8 में दो सप्ताह पहले बनी पीसीसी ढलाई सड़क स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह जलजमाव हो रहा है और यह गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क बनने के बाद यह उनके घरों से ऊंची हो गई है। इसके कारण सड़क पर जमा गंदा पानी घरों और आंगन में प्रवेश कर रहा है। इससे छोटे बच्चों के बीमार पड़ने और मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ने की आशंका है। निवासियों ने नगर परिषद के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग 27 लाख रुपये की लागत से बनी यह सड़क दो सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगी है। उनका आरोप है कि सड़क ढलाई के समय वॉटर लेवल और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। दरवाजों का नए सिरे से निर्माण कराना पड़ रहा
लोगों का यह भी कहना है कि सड़क इतनी ऊंची बना दी गई है कि उन्हें अपने घरों के दरवाजों का नए सिरे से निर्माण कराना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग के इंजीनियर या संवेदक (ठेकेदार) का कोई प्रतिनिधि भी निर्माण कार्य का निरीक्षण करने मौके पर नहीं पहुंचा। इस मामले पर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि उन्हें ओम नगर में बनाई गई सड़क से संबंधित समस्याओं की सूचना मिली है। उसमें जो सड़क का ढलान था। और सड़क जहां एक साइड में खत्म हो रही है उस, तरफ वाटर लेवल फ्लो था। और सड़क बनने के बाद लग रहा है कि जिस तरह पानी जा रहा था। उस तरफ दोनों साइड प्लॉट को ब्लॉक कर दिया गया। जिसके कारण जल की समस्या उत्पन्न हो रही है। और उसमें एक बात यह भी आ रही है कि जो सड़क 10 या 11 फीट की जो चौड़ी सड़क थी। उसके अलावा पूरा वेकेन्ट रहना था। जो पानी धरती सोख लेती, लेकिन वहां के रहने वाले लोगों के द्वारा उसे एरिया को भी पकि करण कर दिया है। जिस कारण वहां जल जमाव देखने को मिला है। जिसका समाधान हम लोग करवा रहे हैं। अररिया शहर के ओम नगर, वार्ड संख्या-8 में दो सप्ताह पहले बनी पीसीसी ढलाई सड़क स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह जलजमाव हो रहा है और यह गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क बनने के बाद यह उनके घरों से ऊंची हो गई है। इसके कारण सड़क पर जमा गंदा पानी घरों और आंगन में प्रवेश कर रहा है। इससे छोटे बच्चों के बीमार पड़ने और मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ने की आशंका है। निवासियों ने नगर परिषद के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग 27 लाख रुपये की लागत से बनी यह सड़क दो सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगी है। उनका आरोप है कि सड़क ढलाई के समय वॉटर लेवल और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। दरवाजों का नए सिरे से निर्माण कराना पड़ रहा
लोगों का यह भी कहना है कि सड़क इतनी ऊंची बना दी गई है कि उन्हें अपने घरों के दरवाजों का नए सिरे से निर्माण कराना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग के इंजीनियर या संवेदक (ठेकेदार) का कोई प्रतिनिधि भी निर्माण कार्य का निरीक्षण करने मौके पर नहीं पहुंचा। इस मामले पर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि उन्हें ओम नगर में बनाई गई सड़क से संबंधित समस्याओं की सूचना मिली है। उसमें जो सड़क का ढलान था। और सड़क जहां एक साइड में खत्म हो रही है उस, तरफ वाटर लेवल फ्लो था। और सड़क बनने के बाद लग रहा है कि जिस तरह पानी जा रहा था। उस तरफ दोनों साइड प्लॉट को ब्लॉक कर दिया गया। जिसके कारण जल की समस्या उत्पन्न हो रही है। और उसमें एक बात यह भी आ रही है कि जो सड़क 10 या 11 फीट की जो चौड़ी सड़क थी। उसके अलावा पूरा वेकेन्ट रहना था। जो पानी धरती सोख लेती, लेकिन वहां के रहने वाले लोगों के द्वारा उसे एरिया को भी पकि करण कर दिया है। जिस कारण वहां जल जमाव देखने को मिला है। जिसका समाधान हम लोग करवा रहे हैं।  

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