समस्तीपुर में पति-पत्नी के झगड़ा सुलझाने के लिए बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा पहुंची। यहां लड़की के पिता ने चेतावनी दी कि अगर उनकी बेटी को ससुराल भेजा गया, तो वह जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। नहीं तो ससुराल वाले बेटी को जान से मार देंगे। इस घटना के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बिना समाधान कराए मौके से लौट गईं। घटना उजियारपुर प्रखंड के प्रेम ब्रह्नडा पंचायत के बैकुंठपुर वार्ड-8 की है। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा आवेदिका उषा देवी के घर पहुंची थीं। आवेदिका के दामाद और समधी को भी बुलाया गया था, ताकि पति-पत्नी के बीच की समस्या को सुना जा सके और समाधान का प्रयास किया जा सके। अध्यक्ष ने पति के घर जाने का दिया आदेश समस्या सुनने के बाद, महिला आयोग की अध्यक्ष ने आवेदिका की बेटी को बच्चे सहित पति के घर जाने का निर्देश दिया। हालांकि, आवेदिका उषा देवी के पति (लड़की के पिता) ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी बेटी ससुराल नहीं जाएगी और अगर उसे भेजा गया तो वह जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। ससुराल में बेटी के साथ मारपीट होती है। मामले का समाधान न होता देख, अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने आवेदिका उषा देवी, उनकी बेटी और उनके दामाद को 13 मई को पटना स्थित बिहार राज्य महिला आयोग के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि आवेदिका उषा देवी (पति विनोद महतो) ने महिला आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी पिछले तीन सालों से अपने एक बच्चे के साथ मायके में रह रही है और दामाद उसे अपने घर नहीं ले जा रहे हैं। आवेदन मिलने के बाद बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा पुलिस टीम और उजियारपुर सीसीपीओ के साथ उजियारपुर प्रखंड के प्रेम ब्रह्नडा पंचायत के बैकुंठपुर वार्ड-8 में पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और आवेदिका से बातचीत की उस दौरान उनके दामाद-समधी को भी बुलाया गया। पति-पत्नी के बीच समस्याओं को सुनते हुए समाधान करने का प्रयास किया गया। लेकिन समाधान नहीं हुआ तो महिला आयोग की अध्यक्ष वहां से लौट गई। दरअसल, पति-पत्नी दोनों की शादी 6 साल पहले हुई थी। 3 साल से महिला अपने मायके में रह रही है। उसकी मां ने महिला आयोग में शिकायक की कि बेटी के ससुराल वाले उसे नहीं ले जा रहे हैं। आज महिला आयोग की अध्यक्ष ने समझाया, तो वो ससुराल जाने के लिए तैयार हो गई। पति भी अपनी पत्नी को साथ रखना चाह रहा था। लेकिन, पिता उसे ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं हुए। 13 मई को आने का दिया आदेश महिला आयोग अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि 13 मई को पति-पत्नी को महिला आयोग में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। महिला आयोग और पुलिस टीम जैसे ही गांव पहुंची सैकड़ो लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि मामले का समाधान कर लिया गया था। लड़की अपने पति के साथ जाने को लेकर राजी भी हो गई। लेकिन पूरी पुलिस टीम के सामने लड़की के पिता ने लड़की को भेजने को लेकर राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगर आप हमारी बेटी को उसके ससुराल भेजते हैं, तो हम जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। समस्तीपुर में पति-पत्नी के झगड़ा सुलझाने के लिए बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा पहुंची। यहां लड़की के पिता ने चेतावनी दी कि अगर उनकी बेटी को ससुराल भेजा गया, तो वह जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। नहीं तो ससुराल वाले बेटी को जान से मार देंगे। इस घटना के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बिना समाधान कराए मौके से लौट गईं। घटना उजियारपुर प्रखंड के प्रेम ब्रह्नडा पंचायत के बैकुंठपुर वार्ड-8 की है। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा आवेदिका उषा देवी के घर पहुंची थीं। आवेदिका के दामाद और समधी को भी बुलाया गया था, ताकि पति-पत्नी के बीच की समस्या को सुना जा सके और समाधान का प्रयास किया जा सके। अध्यक्ष ने पति के घर जाने का दिया आदेश समस्या सुनने के बाद, महिला आयोग की अध्यक्ष ने आवेदिका की बेटी को बच्चे सहित पति के घर जाने का निर्देश दिया। हालांकि, आवेदिका उषा देवी के पति (लड़की के पिता) ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी बेटी ससुराल नहीं जाएगी और अगर उसे भेजा गया तो वह जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे। ससुराल में बेटी के साथ मारपीट होती है। मामले का समाधान न होता देख, अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने आवेदिका उषा देवी, उनकी बेटी और उनके दामाद को 13 मई को पटना स्थित बिहार राज्य महिला आयोग के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि आवेदिका उषा देवी (पति विनोद महतो) ने महिला आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी पिछले तीन सालों से अपने एक बच्चे के साथ मायके में रह रही है और दामाद उसे अपने घर नहीं ले जा रहे हैं। आवेदन मिलने के बाद बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा पुलिस टीम और उजियारपुर सीसीपीओ के साथ उजियारपुर प्रखंड के प्रेम ब्रह्नडा पंचायत के बैकुंठपुर वार्ड-8 में पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और आवेदिका से बातचीत की उस दौरान उनके दामाद-समधी को भी बुलाया गया। पति-पत्नी के बीच समस्याओं को सुनते हुए समाधान करने का प्रयास किया गया। लेकिन समाधान नहीं हुआ तो महिला आयोग की अध्यक्ष वहां से लौट गई। दरअसल, पति-पत्नी दोनों की शादी 6 साल पहले हुई थी। 3 साल से महिला अपने मायके में रह रही है। उसकी मां ने महिला आयोग में शिकायक की कि बेटी के ससुराल वाले उसे नहीं ले जा रहे हैं। आज महिला आयोग की अध्यक्ष ने समझाया, तो वो ससुराल जाने के लिए तैयार हो गई। पति भी अपनी पत्नी को साथ रखना चाह रहा था। लेकिन, पिता उसे ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं हुए। 13 मई को आने का दिया आदेश महिला आयोग अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि 13 मई को पति-पत्नी को महिला आयोग में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। महिला आयोग और पुलिस टीम जैसे ही गांव पहुंची सैकड़ो लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि मामले का समाधान कर लिया गया था। लड़की अपने पति के साथ जाने को लेकर राजी भी हो गई। लेकिन पूरी पुलिस टीम के सामने लड़की के पिता ने लड़की को भेजने को लेकर राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगर आप हमारी बेटी को उसके ससुराल भेजते हैं, तो हम जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे।


