गोपालगंज जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। अप्रैल के मध्य में ही तापमान में वृद्धि के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले में ‘हीटवेव’ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें सूनी दिखाई देती हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया है, जो चिंताजनक स्थिति है। छाते, सूती कपड़े या गमछे का उपयोग कर रहे लोग गर्मी के इस आलम में लोग बिना सुरक्षा के घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। जो लोग सड़कों पर निकल रहे हैं, वे धूप से बचने के लिए छाते, सूती कपड़े या गमछे का उपयोग कर रहे हैं। ठंडे पेय पदार्थों, गन्ने के रस और सत्तू की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय तो स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन दोपहर की छुट्टी के समय तपती धूप बच्चों को बेहाल कर रही है। चिलचिलाती धूप में घर लौटते समय बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने देने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय छाता व चश्मे का प्रयोग करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सचेत रहने की सलाह जारी की है, क्योंकि लू लगने का खतरा काफी बढ़ गया है। लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का आग्रह किया गया है। गोपालगंज जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। अप्रैल के मध्य में ही तापमान में वृद्धि के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले में ‘हीटवेव’ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें सूनी दिखाई देती हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया है, जो चिंताजनक स्थिति है। छाते, सूती कपड़े या गमछे का उपयोग कर रहे लोग गर्मी के इस आलम में लोग बिना सुरक्षा के घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। जो लोग सड़कों पर निकल रहे हैं, वे धूप से बचने के लिए छाते, सूती कपड़े या गमछे का उपयोग कर रहे हैं। ठंडे पेय पदार्थों, गन्ने के रस और सत्तू की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय तो स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन दोपहर की छुट्टी के समय तपती धूप बच्चों को बेहाल कर रही है। चिलचिलाती धूप में घर लौटते समय बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने देने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय छाता व चश्मे का प्रयोग करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सचेत रहने की सलाह जारी की है, क्योंकि लू लगने का खतरा काफी बढ़ गया है। लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का आग्रह किया गया है।


