प्रदेश में तेजी से गिर रहे भूजल स्तर को बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए खेती में किसानों को कम से कम भूजल उपयोग करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। आने वाले धान सीजन में पानी की खपत कम करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं तरनतारन जिले के मुख्य कृषि अधिकारी (चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर) डॉ. तेजबीर सिंह भंगू ने किसानों से गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए धान की पारंपरिक रोपाई के बजाय सीधी बुआई (DSR) तकनीक को अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले में हर साल खरीफ सीजन के दौरान करीब 1,80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान और बासमती की खेती की जाती है, जिसमें पानी की भारी खपत होती है। किसानों को सीधी बुआई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इसके लिए किसान 15 जून तक रजिस्ट्रेशन कराना है। कृषि अधिकारी का कहना है कि इस विधि से उत्पादन में तो कोई कमी नहीं होती है, साथ ही पानी की बचत होता है सीधी बुआई से पानी और लेबर की बड़ी बचत डॉ. भंगू ने बताया कि पंजाब सरकार धान की सीधी बुआई को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है। पारंपरिक कद्दू (पडलिंग) विधि के मुकाबले सीधी बुआई तकनीक (DSR) से 15 से 25 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। इसके अलावा, इस विधि में न तो नर्सरी (पनीरी) तैयार करने की जरूरत होती है और न ही रोपाई के लिए अलग से लेबर (मजदूरों) पर खर्च करना पड़ता है। ट्रैक्टर चालित डीएसआर हल (ड्रिल) की मदद से बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है। पर्यावरण और मिट्टी के लिए भी फायदेमंद सीधी बुआई के कारण मिट्टी की प्राकृतिक संरचना बेहतर बनी रहती है। इस तकनीक से लगी फसल पारंपरिक विधि के मुकाबले जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को अगली फसल (गेहूं) की बुआई के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। साथ ही, यह विधि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली मीथेन गैस का उत्सर्जन काफी कम होता है। सरकार किसानों को वित्तीय सहायता:15 जून तक कराएं धान की सीधी बुआई (DSR) पर: किसानों को ₹1500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसान 15 जून 2026 तक विभाग के आधिकारिक पोर्टल http://agrimachinerypb.com पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। फसल विविधीकरण (मक्के की खेती) पर: धान का रकबा घटाकर खरीफ मक्का बोने वाले किसानों को सरकार की तरफ से ₹17,500 प्रति हेक्टेयर का विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके लिए किसान दिए गए ‘वीर लिंक’ पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।


