Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने सास गिरिबाला सिंह और और समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों आरोपियों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में रहन होगा। सुरक्षा कारणों को देखते हुए जेल प्रशासन को दोनों को अलग-अलग सेल में रखा है।
CBI इस हाई-प्रोफाइल मामले में विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और आगे भी कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है। इन सबके बीच बीते दिन टि्वशा के पति समर्थ सिंह ने टि्वशा केस की पैरवी कर रहे हाइकोर्ट के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मुझे गालियां भी दी गई।
‘समर्थ कोर्ट से भागने की कोशिश कर रहा था…’,
इस पूरे मामले के बारे में वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मैं ट्विशा का वकील हूं। जबलपुर जिला कोर्ट नं. 32 में समर्थ छिपा था। वहां लाइट बंद थी, एसी-पंखे चल रहे थे। दो जूनियर वकील व दो रीडर थे। मैंने 30 हजार के इनामी आरोपी को पकड़ा। मारपीट नहीं हुई, सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं। बाद में एक टीवी चैनल को दी गई बाइट में उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ एलीगेशन लगाने का जो सवाल है 22 मई को जब हमें पता चला था कि समर्थ को जबलपुर कोर्ट रूम नंबर 32 में छिपाकर रखा गया, मैनें दरवाजा खुलावाया था…मैं अंदर गया था…मैनें बाबुओं से पूछा था …बाबुओं ने मुझे बताया कि साहब (जज) पहले ही जा चुके हैं। मैनें पूछ कि किस हैसियत से उन्हें यहां बैठाकर रखा गया है, उनके पास देने के लिए कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।
पहले उन्होंने बोला हम नहीं जानते हैं ये कौन हैं..नहीं जानते तो क्यों बिठाया है। जवाब मिला कि हमें नहीं मालूम ये कैसे बैठे हैं। और उसके बाद समर्थ उस कोर्ट रूम से भागे थे। भागते टाइम दरवाजे पर मीडिया खड़ा था। मीडिया ने उन्हें घेर लिया था। इसलिए वो भाग नहीं पाए थे। उस समय से लेकर आखिरी तक पुलिस के आने तक लगभग सभी चैनल्स में पूरे देश, पूरे मध्यप्रदेश में लाइव रिकॉर्डिंग चली है।
लोगों ने ये देखा है कि जब मीडिया ने उसको घेर लिया था पूछताछ हो रही थी तो मीडिया के सर्कल के अंदर समर्थ था और मैं बाहर था। मेरे और उनके बीच में हमेशा कोई न कोई मीडिया पर्सन रहा है। और मैं यही चिल्लाता रहा शुरु में कि इन पर इनाम है इनको भागने मत देना। कुछ ही सेकंड में उनके वकील और सपोर्टर्स आ गए थे। वो ट्रैक करते हुए दूसरे रूम में ले गए।
लगाई सुरक्षा की गुहार
जेल जाने के बाद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को न्यायिक सेवा में दिए गए निर्णय डरा रहे हैं। जिला और सत्र न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर रहते हुए उन्होंने कई आरोपियों को सख्त सजा सुनाई थी। इनमें एक दर्जन हत्या आरोपी भी थे जिन्हें गिरिबाला सिंह ने उम्रकैद दी थी। ऐसे अनेक लोग अभी जेल में हैं। इनसे खतरा बताते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने भोपाल कोर्ट में अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। जस्टिस शोभना भालवे की कोर्ट में दो घंटे की बहस के दौरान उन्होंने इस आधार पर जेल में अलग सेल की मांग की।
कोर्ट में गिरिबाला सिंह ने कहा, केस को मीडिया ट्रायल बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जबलपुर कोर्ट परिसर में ट्विशा पक्ष के वकील ने बेटे समर्थ से मारपीट की थी। इसका वकील ने जवाब भी दिया। कोर्ट में समर्थ सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को नकारा। उसने कहा कि हमने किसी सबूत से छेड़छाड़ नहीं की है। ट्विशा से संबंध सामान्य थे।

इन एंगल से जांच कर रही सीबीआई
डिजिटल और फॉरेंसिक एंगल
क्राइम सीन रीक्रिएशन
बयानों में विरोधाभास
डिलीट डेटा और गायब सिम कार्ड
आर्थिक और परिवारिक विवाद


