मधुबनी के तीन बच्चों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद:सभी के दिल में छेद, इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा जाएगा

मधुबनी के तीन बच्चों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद:सभी के दिल में छेद, इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा जाएगा

मधुबनी जिले के तीन बच्चों – मोहम्मद महफूज आलम पुत्र जमीरुल अंसारी, गांव सांगी, घोघरडीहा, साकिया फातिमा मुस्तकीम पुत्री सैय्यद अली गुलाम, पंडौल और दुर्गेश कुमार गिरी पुत्र रंजीत गिरी, राजनगर को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। तीनों बच्चे दिल में छेद की गंभीर समस्या से पीड़ित थे। इन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गुरुवार को सत्य साईं अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच (स्क्रीनिंग) के बाद उनका निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य प्रखंडों में कार्यरत डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एएनएम की टीम प्रतिदिन सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच करती है। इस पहल का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक जिले में दिल में छेद से पीड़ित 130 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जो महंगे इलाज का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि यदि कोई बच्चा जन्मजात बीमारी से पीड़ित है, तो उसके परिजन अपने नजदीकी प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत RBSK टीम से संपर्क कर निःशुल्क जांच और इलाज का लाभ उठा सकते हैं। जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के चर्म रोग, दांत, आंख, श्वसन विकार, कटे होंठ-तालू और जन्मजात विकलांगता सहित अन्य बीमारियों का भी निशुल्क इलाज किया जाता है। उन्होंने आम लोगों से इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। मधुबनी जिले के तीन बच्चों – मोहम्मद महफूज आलम पुत्र जमीरुल अंसारी, गांव सांगी, घोघरडीहा, साकिया फातिमा मुस्तकीम पुत्री सैय्यद अली गुलाम, पंडौल और दुर्गेश कुमार गिरी पुत्र रंजीत गिरी, राजनगर को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। तीनों बच्चे दिल में छेद की गंभीर समस्या से पीड़ित थे। इन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गुरुवार को सत्य साईं अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच (स्क्रीनिंग) के बाद उनका निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य प्रखंडों में कार्यरत डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एएनएम की टीम प्रतिदिन सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच करती है। इस पहल का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक जिले में दिल में छेद से पीड़ित 130 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जो महंगे इलाज का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि यदि कोई बच्चा जन्मजात बीमारी से पीड़ित है, तो उसके परिजन अपने नजदीकी प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत RBSK टीम से संपर्क कर निःशुल्क जांच और इलाज का लाभ उठा सकते हैं। जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के चर्म रोग, दांत, आंख, श्वसन विकार, कटे होंठ-तालू और जन्मजात विकलांगता सहित अन्य बीमारियों का भी निशुल्क इलाज किया जाता है। उन्होंने आम लोगों से इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *