Bangladesh Radha Govinda Temple Threat: बांग्लादेश के गैबांधा जिले के हंसबारी गांव में स्थित ऐतिहासिक राधा-गोविंद मंदिर को लेकर चिंता बढ़ गई है। एक माइनॉरिटी ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन ने दावा किया है कि कुछ लोग मंदिर पर हमला करने और उसे गिराने की धमकियां दे रहे हैं। इन धमकियों से स्थानीय हिंदू समुदाय और आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया है।
धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले संगठन ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ ने कहा कि मंदिर को लेकर धमकी भरा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस तरह की घटनाओं से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंच सकता है।
सुरक्षा और धार्मिक सौहार्द को लेकर मांग
संगठन ने सरकार, प्रशासन, राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि धमकी देने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें राधा-गोविंद मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है। मंदिर परिसर में एक वृद्धाश्रम, एक चिकित्सा सेवा केंद्र और कई जनकल्याणकारी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसके अलावा मंदिर के विकास और रखरखाव का काम भी लंबे समय से चल रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों और संगठन का कहना है कि इस ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व वाले स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
माइनॉरिटी को लेकर रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
अभी पिछले महीने ही जारी एक रिपोर्ट में ‘ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज’ ने दावा किया था कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच बांग्लादेश के 62 जिलों और सभी 8 डिवीजनों में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ 505 घटनाएं दर्ज की गईं। रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं में हत्या, संदिग्ध मौतें, मारपीट, अपहरण, यौन हिंसा, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले, जमीन पर कब्जा, आगजनी, लूटपाट और धमकी जैसी घटनाएं शामिल हैं।
‘HRCBM’ का कहना है कि ये घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि देशभर में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के लगातार बढ़ते पैटर्न को दिखाती हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में प्रशासन की कार्रवाई धीमी रही, जांच कमजोर रही और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के वर्षों में हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इन घटनाओं को लेकर मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। ‘HRCBM’ ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


