बालाघाट में बुढ़ी शराब भट्टी के लिए स्थान नहीं:स्थानांतरण पर विरोध जारी, महिलाएं बोलीं- जगह ढूंढना प्रशासन का काम

बालाघाट में बुढ़ी शराब भट्टी के लिए स्थान नहीं:स्थानांतरण पर विरोध जारी, महिलाएं बोलीं- जगह ढूंढना प्रशासन का काम

बालाघाट शहर में बुढ़ी शराब भट्टी को हटाने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। इसके स्थानांतरण को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, शहर में जहां भी इस दुकान को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जाती है, वहीं स्थानीय लोगों द्वारा इसका विरोध शुरू हो जाता है। हाल ही में रैनबसेरा के सामने समता तालाब और ढीमरटोला में दुकान के स्थानांतरण की जानकारी मिलने पर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस स्थिति ने प्रशासन के सामने नई जगह ढूंढने की समस्या खड़ी कर दी है। महिलाएं पिछले 50 दिनों से लगातार इस शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि जब तक दुकान को मौजूदा स्थान से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस आंदोलन को जिले की सांसद, विधायक, आयोग सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष और कई सामाजिक व वरिष्ठ राजनीतिक महिलाओं का समर्थन प्राप्त है। इन सभी ने दुकान को हटाने की वकालत की है, लेकिन अब तक इसके स्थानांतरण को लेकर कोई ठोस सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। महिलाओं के आंदोलन का समर्थन कर रहीं और दुकान के स्थानांतरण के लिए प्रयासरत आयोग सदस्य इंजी. मौसम ने बताया कि शराब दुकान के लिए नया स्थल चुनने में समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि वे लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर रही हैं ताकि दुकान के स्थानांतरण के लिए कोई उपयुक्त स्थान मिल सके। स्थल चयन की समस्या को देखते हुए, यह संभावना जताई जा रही है कि प्रशासन आंदोलनकारी महिलाओं से कुछ समय मांग सकता है। इसका उद्देश्य यह हो सकता है कि नए ठेके तक दुकान को वर्तमान स्थान पर रहने दिया जाए और उसके बाद स्थानांतरण का आश्वासन दिया जाए। हालांकि, महिलाओं के कड़े रुख और उनके लगातार विरोध प्रदर्शन (जिसमें शराब की अर्थी निकालना और शराब खरीदने वालों को गांधीगिरी शैली में रोकना शामिल है) को देखते हुए, इस प्रस्ताव पर सहमति बनने की संभावना कम दिख रही है।

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