प्राचार्य ने शासकीय स्कूल के शौचालय में की आत्महत्या
पुलिस ने शुरू की जांच
बुरहानपुर. शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भावसा की शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य संजय पिता काशीनाथ सोनवणे ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर स्कूल के शौचालय में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने के साथ माता,पिता,पत्नी और बच्चों से माफी मांगी। रविवार को स्कूल बंद होने के बाद भी देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन ढूंढते हुए पहुंचे थे, स्कूटी खड़ी मिलने के बाद आसपास देखा तो शौचालय में शव लटका हुआ था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार शाहपुर निवासी शिक्षक संजय लंबे समय से बीमारी थे। रविवार दोपहर के समय घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। फोन नहीं उठाने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। दोस्ता और परिचित रिश्तेदारों से संपर्क किया,लेकिन पता नहीं लगने पर शाम के समय स्कूल देखने के लिए पहुंचे। गेट के पास ही स्कूटी खड़ी मिली। गेट के अंदर जाकर देखा तो शौचालय का दरवाजा खोलने पर रस्सी के सहारे फंदे पर शव लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल रवाना किया।
प्राचार्य ने सुसाइड नोट में यह लिखा
मैं संजय काशीनाथ सोनवणे अपने पूरे होशो-हवास में लिखता हूं कि मैं अपनी शारीरिक तकलीफ से परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरा सिर और आंख तक इतना दर्द करता है कि वह सहनशक्ति के बाहर है। आंखों में हाईमायोपिया है। दिखना एकदम कम हो गया है। साथ ही दिमाग में सेरेब्रल एंड सेरेबेलर एट्रॉफी है। जिसके कारण दिखना कम हो गया है। चलते समय चला नहीं बनता है। चक्कर आते हैं। ड्यूटी करना असंभव सा हो गया है। मैं अपने माता, पिता, पत्नी एवं बच्चों से माफी मांगता हूं। कि मैं अपने दायित्व नहीं निभा सकता। किंतु मुझे वास्तव में इतनी ज्यादा तकलीफ है कि मैं इसे बयां नहीं कर सकता। काश कोई मेरी तकलीफ महसूस कर सकता। मेरे माता, पिता, भाई, बहन बहुत अच्छे हैं। मेरे जीजाजी बहुत अच्छे हैं। मेरी पत्नी जैसा जीवनसाथी नसीबों से मिलता है। मेरी पत्नी एवं बेटी हर्षा, पुत्र कृष्णा बहुत अच्छे हैं। मैं अपनी पत्नी से विशेषकर माफी मांगता हूं।


