प्रयागराज में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप निकल जाती है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि अधिकतम तापमान 42°C तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज तापमान 43°C तक जा सकता है, जिससे प्रयागराज प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। सोमवार को मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला, तेज लू के साथ शाम तक बादल भी छाए रहे। लेकिन मंगलवार सुबह से फिर कड़ी धूप निकल आई है। गर्म हवाओं और चुभती धूप से ऐसा महसूस होता है जैसे आग बरस रही हो। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और जो लोग बाहर निकलते हैं, वे सिर ढककर या छाता लेकर चलते नजर आते हैं। संगम क्षेत्र की रेत पर सबसे ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। इस तेज गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। दोपहर में छुट्टी होने के कारण बच्चों को तेज धूप में घर लौटना पड़ता है, जिससे थकान, डिहाइड्रेशन और लू की समस्या बढ़ रही है। अभिभावक बच्चों को टोपी, छाता, पानी की बोतल और ग्लूकोज देकर भेज रहे हैं, लेकिन फिर भी राहत कम मिल रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप से बचाया जा सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पताल और स्वरूप रानी अस्पताल के डॉ संतोष सिंह का कहना है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। अगर जरूरी हो तो शरीर को ढककर रखें और पर्याप्त पानी पिएं। हीट स्ट्रोक के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। धूप और गर्मी से बचने के आसान उपाय:


