बीपीएससी परीक्षा : जिसे करनी थी जांच, उसी ने अभ्यर्थी तक पहुंचाई उत्तर की पर्ची

बीपीएससी परीक्षा : जिसे करनी थी जांच, उसी ने अभ्यर्थी तक पहुंचाई उत्तर की पर्ची

बीपीएससी द्वारा आयोजित सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान एएन कॉलेज में धांधली करते अभ्यर्थी और बायोमेट्रिक लेने वाली कंपनी की सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया गया। नालंदा के मानपुर के रहने वाले अभ्यर्थी रौशन कुमार के पास उत्तर की पर्ची मिली। यह पर्ची उसे सुपरवाइजर अंशु प्रिया ने दी थी। अंशु वैशाली की रहने वाली है। अंशु प्रिया साईं एडुकेयर की सुपरवाइजर है। इस परीक्षा में भी बायोमेट्रिक का काम साईं एडुकेयर को दिया गया था। यह ब्लैकलिस्टेड कंपनी है। इसी कंपनी को बीपीएससी द्वारा ली गई एईडीओ की परीक्षा में भी बायोमेट्रिक का जिम्मा दिया गया था। सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने कहा कि दोनों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साईं एडुकेयर ब्लैकलिस्टेड, उसी को दिया टेंडर जयपुर की साईं एडुकेयर कंपनी को 15 अक्टूबर 2025 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ब्लैकलिस्टेड कर दिया था। हालांकि बीपीएससी का तर्क है कि उसने अगस्त 2025 में ही टेंडर देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। बीपीएससी के इस तर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि साईं एडुकेयर ने पटना की एक कंपनी को बायोमेट्रिक का काम करने का ठेका दिया था। इस कंपनी का ऑफिस हरनीचक में है। इसी कंपनी ने बायोमेट्रिक लेने वाले कर्मी और सुपरवाइजर को अनुबंध पर रखा था। बायोमेट्रिक लेने वाले को करीब 800 रुपए और सुपरवाइजर को करीब 1200 रुपए प्रतिदिन दिया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या साईं एडुकेयर ने किसी अन्य फर्म को इस काम में लगाया था? बड़ा सवाल : क्या प्रश्नपत्र लीक था केंद्राधीक्षक शैलेश कुमार सिंह के बयान पर एसके पुरी थाने में केस दर्ज किया गया है। इसमें लिखा है-अभ्यर्थी रौशन कुमार को कदाचार में लिप्त पाया गया। उसे जी-सिरीज का प्रश्नपत्र दिया गया था। उसे जी-सिरीज के प्रश्नों के उत्तर के पुर्जे के साथ पकड़ा गया। वीक्षक प्रमोद कुमार और राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने अंशु प्रिया को उसे पुर्जा देते पकड़ लिया। दोनों से कई घंटे तक पुलिस अधिकारी पूछताछ करते रहे। लेकिन दोनों ने सही जवाब नहीं दिया। अभ्यर्थी ने कहा-मैंने आंसर मांगा ही नहीं था। मेरे पास कैसे आया नहीं पता। वहीं सुपरवाइजर इनकार करती रही कि उसने रौशन को उत्तर का पर्चा दिया है। पुलिस ने दोनों का मोबाइल जब्त कर लिया है। शास्त्रीनगर से भी 1 अभ्यर्थी गिरफ्तार इधर शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने केवी सहाय हाईस्कूल से कदाचार के आरोप में एक अभ्यर्थी बख्तियारपुर के नितिन राज को गिरफ्तार कर लिया। दूसरा फरार हो गया। शास्त्रीनगर थाने में इस संबंध में दो केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बीपीएससी से मांगी रिपोर्ट एसके पुरी थाने की पुलिस ने बीपीएससी को एफआईआर, जब्त प्रश्नपत्र और आंसर का पर्चा भेजा है। जांच के बाद रिपोर्ट मांगी गई है। बीपीएससी से पुलिस ने यह भी पूछा है कि एएन कॉलेज सेंटर पर कितने बायोमेट्रिक कर्मी की तैनाती की गई थी? उन बायोमेट्रिक कर्मियों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। बीपीएससी द्वारा आयोजित सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान एएन कॉलेज में धांधली करते अभ्यर्थी और बायोमेट्रिक लेने वाली कंपनी की सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया गया। नालंदा के मानपुर के रहने वाले अभ्यर्थी रौशन कुमार के पास उत्तर की पर्ची मिली। यह पर्ची उसे सुपरवाइजर अंशु प्रिया ने दी थी। अंशु वैशाली की रहने वाली है। अंशु प्रिया साईं एडुकेयर की सुपरवाइजर है। इस परीक्षा में भी बायोमेट्रिक का काम साईं एडुकेयर को दिया गया था। यह ब्लैकलिस्टेड कंपनी है। इसी कंपनी को बीपीएससी द्वारा ली गई एईडीओ की परीक्षा में भी बायोमेट्रिक का जिम्मा दिया गया था। सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने कहा कि दोनों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साईं एडुकेयर ब्लैकलिस्टेड, उसी को दिया टेंडर जयपुर की साईं एडुकेयर कंपनी को 15 अक्टूबर 2025 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ब्लैकलिस्टेड कर दिया था। हालांकि बीपीएससी का तर्क है कि उसने अगस्त 2025 में ही टेंडर देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। बीपीएससी के इस तर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि साईं एडुकेयर ने पटना की एक कंपनी को बायोमेट्रिक का काम करने का ठेका दिया था। इस कंपनी का ऑफिस हरनीचक में है। इसी कंपनी ने बायोमेट्रिक लेने वाले कर्मी और सुपरवाइजर को अनुबंध पर रखा था। बायोमेट्रिक लेने वाले को करीब 800 रुपए और सुपरवाइजर को करीब 1200 रुपए प्रतिदिन दिया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या साईं एडुकेयर ने किसी अन्य फर्म को इस काम में लगाया था? बड़ा सवाल : क्या प्रश्नपत्र लीक था केंद्राधीक्षक शैलेश कुमार सिंह के बयान पर एसके पुरी थाने में केस दर्ज किया गया है। इसमें लिखा है-अभ्यर्थी रौशन कुमार को कदाचार में लिप्त पाया गया। उसे जी-सिरीज का प्रश्नपत्र दिया गया था। उसे जी-सिरीज के प्रश्नों के उत्तर के पुर्जे के साथ पकड़ा गया। वीक्षक प्रमोद कुमार और राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने अंशु प्रिया को उसे पुर्जा देते पकड़ लिया। दोनों से कई घंटे तक पुलिस अधिकारी पूछताछ करते रहे। लेकिन दोनों ने सही जवाब नहीं दिया। अभ्यर्थी ने कहा-मैंने आंसर मांगा ही नहीं था। मेरे पास कैसे आया नहीं पता। वहीं सुपरवाइजर इनकार करती रही कि उसने रौशन को उत्तर का पर्चा दिया है। पुलिस ने दोनों का मोबाइल जब्त कर लिया है। शास्त्रीनगर से भी 1 अभ्यर्थी गिरफ्तार इधर शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने केवी सहाय हाईस्कूल से कदाचार के आरोप में एक अभ्यर्थी बख्तियारपुर के नितिन राज को गिरफ्तार कर लिया। दूसरा फरार हो गया। शास्त्रीनगर थाने में इस संबंध में दो केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बीपीएससी से मांगी रिपोर्ट एसके पुरी थाने की पुलिस ने बीपीएससी को एफआईआर, जब्त प्रश्नपत्र और आंसर का पर्चा भेजा है। जांच के बाद रिपोर्ट मांगी गई है। बीपीएससी से पुलिस ने यह भी पूछा है कि एएन कॉलेज सेंटर पर कितने बायोमेट्रिक कर्मी की तैनाती की गई थी? उन बायोमेट्रिक कर्मियों से भी पुलिस पूछताछ करेगी।  

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