आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के हॉस्टल में एमडी की छात्रा वर्तिका सिंह का शव मिलने के बाद मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। शुरुआती तौर पर नींद की गोलियों के ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सच्चाई जानने के लिए विसरा जांच का सहारा लिया गया है।
मृतका की मां अनीता सिंह ने पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी होनहार थी और मनोचिकित्सक बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती थी। उन्होंने दवा के ओवरडोज वाली थ्योरी पर भी संदेह जताया। मां के अनुसार, जिस डॉक्टर से वर्तिका का इलाज चल रहा था, उसने बताया था कि निर्धारित दवाओं की अधिक मात्रा लेने पर भी जान का खतरा नहीं होता, केवल गहरी नींद आ सकती है। ऐसे में मौत की वजह संदिग्ध लगती है।
परिजनों का कहना है कि वर्तिका का व्यवहार सामान्य था। घटना से ठीक पहले भी उसने परिवार से लंबी बातचीत की थी और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की थी। उसने हाल ही में ऑनलाइन एक बड़ा फ्रिज भी ऑर्डर किया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह सामान्य जीवन जी रही थी।
संस्थान प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की है, जो चरणबद्ध तरीके से छात्रों और स्टाफ के बयान दर्ज करेगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्तिका सिंह ने 2022 में ओडिशा के बरहामपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था और फरवरी 2026 में आगरा के संस्थान में एमडी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। पढ़ाई के दौरान वह अवसाद से जूझ रही थीं और दिल्ली में उनका इलाज भी चल रहा था। इससे पहले मार्च में उन्होंने नींद की गोलियां अधिक मात्रा में ली थीं, जिसके बाद इलाज के जरिए उनकी स्थिति में सुधार हुआ था।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई और कारण है। विसरा रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।


