बांका के शंभूगंज प्रखंड स्थित गढ़ीमोहनपुर खेल मैदान में शनिवार रात महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना के लिए आधारशिला रखी गई। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम देर रात तक चला। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का उत्साह बना रहा, जिससे आयोजन मध्य रात्रि तक जारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और भूमि पूजन के साथ हुआ। पंडित संजीव झा और आचार्य अभय सिंह उर्फ मुन्ना दंपती ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू कराई। “वीर महाराणा अमर रहें” के लगाए नारे इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने “वीर महाराणा अमर रहें” के नारों से पूरे खेल मैदान को गुंजायमान कर दिया, जिससे माहौल देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। एसकेपी विद्या बिहार के निदेशक रणविजय सिंह ने बताया कि खेल मैदान में महाराणा प्रताप की अष्टधातु से बनी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। चौहान पब्लिक स्कूल के निदेशक और राजद नेता संजय चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, साहस और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने समाज को जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकता का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए, इसी उद्देश्य से गढ़ीमोहनपुर में यह प्रतिमा स्थापित की जा रही है। हाराणा प्रताप के वंशजों ने वीर गाथाएं सुनाईं कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। मेवाड़ से आए महाराणा प्रताप के वंशजों ने उनकी वीर गाथाएं सुनाईं, जिससे लोग भावुक हो गए। लोकगायिका वर्षा भूरिया और लीला रत्ना ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं में जोश भर दिया। कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन पूर्व सांसद आनंद मोहन, सीआरपीएफ डीआईजी संदीप कुमार, रणविजय सिंह, संजय चौहान और ऋतुराज सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद भूदेव चौधरी, कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र सिंह, युवा नेता नयन सिंह, सागर कुमार सहित बड़ी संख्या में महाराणा सेना के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे। बांका के शंभूगंज प्रखंड स्थित गढ़ीमोहनपुर खेल मैदान में शनिवार रात महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना के लिए आधारशिला रखी गई। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम देर रात तक चला। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का उत्साह बना रहा, जिससे आयोजन मध्य रात्रि तक जारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और भूमि पूजन के साथ हुआ। पंडित संजीव झा और आचार्य अभय सिंह उर्फ मुन्ना दंपती ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू कराई। “वीर महाराणा अमर रहें” के लगाए नारे इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने “वीर महाराणा अमर रहें” के नारों से पूरे खेल मैदान को गुंजायमान कर दिया, जिससे माहौल देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। एसकेपी विद्या बिहार के निदेशक रणविजय सिंह ने बताया कि खेल मैदान में महाराणा प्रताप की अष्टधातु से बनी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। चौहान पब्लिक स्कूल के निदेशक और राजद नेता संजय चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, साहस और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने समाज को जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकता का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए, इसी उद्देश्य से गढ़ीमोहनपुर में यह प्रतिमा स्थापित की जा रही है। हाराणा प्रताप के वंशजों ने वीर गाथाएं सुनाईं कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। मेवाड़ से आए महाराणा प्रताप के वंशजों ने उनकी वीर गाथाएं सुनाईं, जिससे लोग भावुक हो गए। लोकगायिका वर्षा भूरिया और लीला रत्ना ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं में जोश भर दिया। कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन पूर्व सांसद आनंद मोहन, सीआरपीएफ डीआईजी संदीप कुमार, रणविजय सिंह, संजय चौहान और ऋतुराज सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद भूदेव चौधरी, कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र सिंह, युवा नेता नयन सिंह, सागर कुमार सहित बड़ी संख्या में महाराणा सेना के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।


