बांग्लादेश की नई सरकार में भी नहीं बदले हिंदुओं के हालात, पेड़ से लटका मिला मंदिर के केयरटेकर का शव

बांग्लादेश की नई सरकार में भी नहीं बदले हिंदुओं के हालात, पेड़ से लटका मिला मंदिर के केयरटेकर का शव

बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बावजूद भी हिंदुओं के हालात नहीं सुधरे है। अंतरिम सरकार के समय देश में हिंदुओं की बेरहमी से हत्या के कई मामले सामने आए थे जो वैश्विक चर्चा का मुद्दा बने थे। तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद देश में हिंदुओं की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन हाल ही में सामने आई एक खबर ने एक बार फिर से तनाव बढ़ा दिया है। बांग्लादेश में एक मंदिर के केयरटेकर की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है जिसने कई सवाल खड़े कर दिए है। यह घटना कॉक्स बाजार के सदर उपजिला इलाके में हुई है। यहां 35 वर्षीय मंदिर नयन दास का शव एक पहाड़ी इलाके में पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

अज्ञात लोग घर से बुलाकर लेकर गए

जानकारी के अनुसार सतकानिया निवासी नयन दास पिछले तीन दिनों से लापता थे। वह पुलिशशोरा घोना नाग पंचमी मंदिर में केयरटेकर के रूप में काम करते थे। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार रात करीब 9 बजे कुछ अज्ञात लोग उन्हें घर से बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद से वह लापता हो गए। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद सोमवार रात कॉक्स बाजार सदर मॉडल पुलिस स्टेशन में दास के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दास की तलाशी शुरू की और तीन दिन बाद बुधवार को स्थानीय लोगों ने उनका शव एक दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र में पेड़ से लटका हुआ पाया।

शव के गले पर देखे गए चोट के निशान

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दास के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस अधिकारी मोहम्मद सामीउद्दीन ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हत्या है या आत्महत्या। उन्होंने कहा, पुलिस इस घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए काम कर रही है। हालांकि, मंदिर से जुड़े एक व्यक्ति ने दावा किया कि नयन के गले पर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ी

स्थानीय पूजा उदजापन परिषद के महासचिव जोनी धर ने बताया कि परिवार के अनुसार नयन 19 अप्रैल को घर से निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे। इस घटना को इस साल आम चुनावों के बाद हिंदू समुदाय से जुड़ी पहली हत्या के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी देश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद कई हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस घटना ने एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

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