बमौरी विधानसभा क्षेत्र के महोदरा स्थित प्राचीन श्री केदारनाथ धाम मंदिर के कपाट एक बार फिर शिव भक्तों के लिए खुल सकते हैं। शनिवार को भोपाल के मैनिट (MANIT) से आई वैज्ञानिकों की एक टीम ने मंदिर और आसपास की चट्टानों का निरीक्षण किया। चट्टान खिसकने के खतरे के कारण प्रशासन ने पिछले 3 साल से यहां श्रद्धालुओं के दर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। आस्था के प्रमुख केंद्र महोदरा केदारनाथ धाम में पिछले तीन वर्षों से दर्शनार्थियों के जाने पर पाबंदी है। इसके पीछे मुख्य कारण मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी की चट्टानों में आई एक बहुत चौड़ी दरार है। चट्टानों के खिसकने और किसी संभावित बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए शासन ने सुरक्षा के मद्देनजर दर्शन व्यवस्था को बंद कर दिया था। मैनिट की टीम 3 हफ्ते में सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट
शनिवार को निरीक्षण के लिए पहुंची भोपाल मैनिट की टीम की सदस्य और सिविल इंजीनियर ज्योति स्वरूप ने बताया कि चट्टानों और मंदिर क्षेत्र के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया गया है। सर्वे के आधार पर टीम अगले तीन सप्ताह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट में जो भी सर्वोत्तम और सुरक्षित विकल्प सामने आएगा, उसी के अनुसार प्रशासन द्वारा मंदिर को फिर से खोलने की आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद वैज्ञानिक सर्वे का निर्णय
क्षेत्र के लोगों की भारी मांग पर बीते अप्रैल महीने में जनप्रतिनिधियों और मंदिर से जुड़े लोगों ने एक समिति बनाई थी। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को सर्वसम्मति से इसका अध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने इस समस्या से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अवगत कराते हुए निराकरण का आग्रह किया था। इसके बाद प्रशासन और समिति की चर्चा में यह तय हुआ था कि मंदिर के दर्शन पुनः शुरू करने का स्थायी और सुरक्षित रास्ता केवल वैज्ञानिक पद्धति (साइंटिफिक सर्वे) से ही निकाला जा सकता है। सर्वे के दौरान वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।


