वाराणसी: सारनाथ पुलिस ने नाबालिक बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता को उसकी मां ने पैसे और साड़ी के लालच में एक व्यक्ति को बेच दिया, जिसके बाद आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसे छोड़ दिया। वहीं एक ऑटो चालक ने भी बच्ची को अकेला पाकर हवस का शिकार बनाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए बच्ची की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
10 साड़ी और 16 हजार में बेचा
पुलिस ने बताया है कि 12 वर्षीय नाबालिक बच्ची को उसकी मां ने चंदौली के रहने वाले 40 वर्षीय लहरु यादव को 16 हजार रुपए और 10 साड़ियों के लालच में बेच दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान लहरु यादव ने बच्ची के साथ गांव के ही मंदिर में जाकर शादी की और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। वहीं, जब उसका मन बच्ची से भर गया तो उसने बच्ची को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर लाकर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गया।
कैंट रेलवे स्टेशन पर बच्ची को अकेला और रोता हुआ देखकर झारखंड के रहने वाले रवि वर्मा ने उसे उसके घर पहुंचने की बात कह कर ऑटो में बैठाया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि रवि झारखंड का रहने वाला है और वाराणसी के पहाड़िया इलाके में किराए के मकान में रहता है। आरोप है कि उसने बच्ची को दुष्कर्म के बाद सोना तालाब इलाके में छोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस की नजर अकेली रोती हुई बच्ची के ऊपर पड़ी।
ट्रेन में हुई थी लहरु से मुलाकत
पुलिस बच्ची को अपने साथ लेकर थाने पहुंची तो बच्ची ने रोते हुए उसके साथ हुई सारी वारदात को बता दिया। बच्ची ने पुलिस को बताया है कि उसकी मां ट्रेन में घूम घूमकर भीख मांग कर अपना जीवन यापन करती है। इसी दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात लहरु यादव से हुई थी। उसकी मां ने पैसों और साड़ी के लालच में लहरु को उसे बेच दिया। बच्ची ने बताया है कि लहरु की पत्नी का देहांत हो चुका है। इसके बाद उसकी मां लहरु के झांसे में आ गई थी।
सारनाथ थाना अध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया है कि इस मामले में पीड़िता की मां, लहरु और रवि वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया की लहरु और रवि को फरीदपुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया है, जबकि पीड़िता की मां को सारनाथ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


