Meenakshi Shinde: शिवसेना ठाकरे गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मामले में नाम सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की नगरसेविका और ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष से की जा रही कार्रवाई बताया है। मीनाक्षी शिंदे ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की घटना बेहद दुखद है और वह उनके परिवार के दुख में शामिल हैं।
मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप
उन्होंने कहा कि मामले में शुरुआत में दर्ज शिकायत में उनका नाम कहीं नहीं था। बाद में कुछ राजनीतिक नेताओं ने उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश की। शिंदे ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बिना ठोस सबूत आरोप लगाए जा रहे हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि पूर्णेकर का बेटा अभी छोटा है और उसे मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे को प्रभावित कर उसकी ओर से मनचाही बातें कहलवाने की कोशिश की जा रही है।
आदित्य ठाकरे की गिरफ्तारी की मांग
मीनाक्षी शिंदे ने दिशा सालियान मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले को लेकर आदित्य ठाकरे का नाम लिया जाता है तो संजय राउत उनकी गिरफ्तारी की मांग क्यों नहीं करते। शिंदे ने कहा कि किसी भी मामले में आरोप लगाते समय ठोस सबूत सामने रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह बिना सबूत किसी का नाम जोड़कर कार्रवाई की मांग की जाती रही तो किसी भी व्यक्ति को किसी भी मामले में फंसाया जा सकता है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया।
कौन हैं मीनाक्षी शिंदे?
मीनाक्षी शिंदे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की नेता हैं। वह ठाणे महानगरपालिका की पूर्व महापौर रह चुकी हैं। वह ठाणे महानगरपालिका की लगातार चार बार नगरसेविका चुनी गई हैं। शिवसेना में विभाजन के बाद मीनाक्षी शिंदे ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के साथ काम करने का फैसला किया था। प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले में उनके खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और आरोपों को खारिज किया।

