रेल सेवाओं के विस्तार और झुंझुनूं को रेलवे जंक्शन का दर्जा देने की मांग को लेकर शुक्रवार शाम रेलवे स्टेशन पर कैंडल मार्च निकाला गया। शेखावाटी रेल विकास संघर्ष समिति के जन संघर्ष अभियान के तहत आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम शाम 7 बजे शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। समिति अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि झुंझुनूं लंबे समय से रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग कर रहा है। जिले के लोगों को देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधे रेल संपर्क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने नई रेल सेवाएं शुरू करने, मौजूदा ट्रेनों के फेरे बढ़ाने और कुछ ट्रेनों का विस्तार करने की मांग उठाई। कैंडल मार्च के बाद समिति पदाधिकारियों ने स्टेशन प्रबंधक को रेल मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें झुंझुनूं से होकर दिल्ली, हरिद्वार, कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, रांची, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर सिटी और माता वैष्णो देवी कटरा सहित विभिन्न शहरों के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने की मांग की गई। समिति ने वर्तमान ट्रेनों के फेरे बढ़ाने और कुछ ट्रेनों का विस्तार करने की मांग भी रखी। इसके साथ ही हिसार-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस का सूरत और बोरीवली स्टेशन पर ठहराव शुरू करने की मांग की गई। नई रेल लाइनों के निर्माण की मांग इनकी रही मौजूदगी
कैंडल मार्च में भारतीय मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनोज सिंह, अग्रवाल समाज समिति अध्यक्ष गणेश कुमार हलवाई, जुगल किशोर मोदी, श्रवण कुमार गोयनका, सुरेंद्र केडिया, सुरेंद्र अग्रवाल, मनीष बगड़िया, घड़सीराम सैनी, फैयाज अहमद खान, शफीक अहमद खान, जुल्फिकार अली खान, विनोद खन्ना, अनिल शर्मा, मांगीलाल सेन, जाकिर अब्बासी, इमरान बड़गुजर, भोपाल सिंह पटवारी, कैप्टन मोहनलाल, चंद्रप्रकाश जालान, मनीष सत्यनारायण बगड़िया और रवि तुलस्यान सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।

