Election Commission: मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत कुछ नागरिक संगठनों के प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आयोग के खिलाफ चलाया जा रहा “फर्जी नैरेटिव” बेनकाब हो गया है।
फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूरा मामला सामने आ चुका है। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद इस नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP और कुछ नागरिक संगठनों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि संगठन उनके इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन करेगा। CJP ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रदर्शन की शुरुआत मुंबई से करने की घोषणा पहले ही की गई थी।
स्थानीय लोगों ने भी जताई आपत्ति
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर कुछ स्थानीय निवासियों ने भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पार्क में नियमित रूप से लोग घूमने और मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं और लगातार होने वाले प्रदर्शनों से उन्हें परेशानी होती है। स्थानीय निवासी सुनील भागवत ने कहा कि प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। एक अन्य निवासी रवींद्र ने पिछले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि बड़ी भीड़ के कारण दादर शिवाजी पार्क स्टेशन के आसपास यातायात प्रभावित हुआ था।
स्थानीय लोगों ने यह भी चिंता जताई कि शिवाजी पार्क के आसपास स्कूल और अस्पताल हैं तथा बड़े प्रदर्शनों के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मुंबई पुलिस ने इससे पहले CJP को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था और यातायात, शोर तथा अस्पतालों तक मरीजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बताई थीं।

