पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं, जबकि कई घरों में अब भी पानी भरा हुआ है। बाढ़ के कारण लोगों के सामने भोजन, पीने के पानी और रोजमर्रा की जरूरी चीजों का संकट खड़ा हो गया है। 25 गाड़ियों में राहत सामग्री लेकर पहुंचे शिक्षक बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली के एक गणित शिक्षक ने मानवीय पहल करते हुए प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। शिक्षक 25 गाड़ियों में राहत सामग्री लेकर पुलिया खार क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जरूरी सामान का वितरण किया। तटबंध टूटने से कई परिवार प्रभावित चंपारण तटबंध टूटने के बाद पुलिया खार और आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया। पानी घरों में घुसने से लोगों का घरेलू सामान नष्ट हो गया। कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। भोजन-पानी के लिए जूझ रहे बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों की परेशानी कम नहीं हुई है। परिवारों के सामने भोजन, पीने का पानी और रोजमर्रा की जरूरतों का इंतजाम करने की चुनौती बनी हुई है। राहत सामग्री मिलने से प्रभावित लोगों को तत्काल जरूरत की चीजें उपलब्ध हो सकीं। मदद मिलने पर लोगों के चेहरे खिले राहत सामग्री मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के चेहरों पर राहत और खुशी दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए शिक्षक का आभार जताया। लोगों ने प्रशासन और सामाजिक संगठनों से भी आगे आकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता करने की अपील की। पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं, जबकि कई घरों में अब भी पानी भरा हुआ है। बाढ़ के कारण लोगों के सामने भोजन, पीने के पानी और रोजमर्रा की जरूरी चीजों का संकट खड़ा हो गया है। 25 गाड़ियों में राहत सामग्री लेकर पहुंचे शिक्षक बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली के एक गणित शिक्षक ने मानवीय पहल करते हुए प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। शिक्षक 25 गाड़ियों में राहत सामग्री लेकर पुलिया खार क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जरूरी सामान का वितरण किया। तटबंध टूटने से कई परिवार प्रभावित चंपारण तटबंध टूटने के बाद पुलिया खार और आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया। पानी घरों में घुसने से लोगों का घरेलू सामान नष्ट हो गया। कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। भोजन-पानी के लिए जूझ रहे बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों की परेशानी कम नहीं हुई है। परिवारों के सामने भोजन, पीने का पानी और रोजमर्रा की जरूरतों का इंतजाम करने की चुनौती बनी हुई है। राहत सामग्री मिलने से प्रभावित लोगों को तत्काल जरूरत की चीजें उपलब्ध हो सकीं। मदद मिलने पर लोगों के चेहरे खिले राहत सामग्री मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के चेहरों पर राहत और खुशी दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए शिक्षक का आभार जताया। लोगों ने प्रशासन और सामाजिक संगठनों से भी आगे आकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता करने की अपील की।

