सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को मिले 30 नए डॉक्टर:कार्डियो-यूरोलॉजी में 5-5 जेआर की तैनाती, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को मिले 30 नए डॉक्टर:कार्डियो-यूरोलॉजी में 5-5 जेआर की तैनाती, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत

भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल(मायागंज) में मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। बिहार सरकार की ओर से नियुक्त 145 जूनियर रेजिडेंट (जेआर) में से अब तक 60 ने योगदान दे दिया है। इनमें से 30 डॉक्टरों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तैनात किया गया है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभागों को राहत मिली है। नई नियुक्तियों से ओपीडी से लेकर वार्ड तक मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा। खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज में अब तेजी आने की उम्मीद है। कार्डियोलॉजी-यूरोलॉजी विभाग पर फोकस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में 5-5 जूनियर रेजिडेंट की तैनाती की गई है। ये तीनों विभाग ऐसे हैं, जहां मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इसके अलावा अन्य विभागों में 3-3 डॉक्टरों को भेजा गया है, ताकि सभी यूनिट में संतुलित तरीके से सेवाएं उपलब्ध हो सके।
नए डॉक्टरों की तैनाती से इमरजेंसी सेवाओं में भी सुधार होगा।मरीजों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। नियुक्त किए गए सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सीनियर की निगरानी में काम करेंगे। ये डॉक्टर ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। गंभीर मरीजों की मॉनिटरिंग और नियमित जांच में इनकी अहम जिम्मेदारी होगी। भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल(मायागंज) में मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। बिहार सरकार की ओर से नियुक्त 145 जूनियर रेजिडेंट (जेआर) में से अब तक 60 ने योगदान दे दिया है। इनमें से 30 डॉक्टरों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तैनात किया गया है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभागों को राहत मिली है। नई नियुक्तियों से ओपीडी से लेकर वार्ड तक मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा। खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज में अब तेजी आने की उम्मीद है। कार्डियोलॉजी-यूरोलॉजी विभाग पर फोकस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में 5-5 जूनियर रेजिडेंट की तैनाती की गई है। ये तीनों विभाग ऐसे हैं, जहां मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इसके अलावा अन्य विभागों में 3-3 डॉक्टरों को भेजा गया है, ताकि सभी यूनिट में संतुलित तरीके से सेवाएं उपलब्ध हो सके।
नए डॉक्टरों की तैनाती से इमरजेंसी सेवाओं में भी सुधार होगा।मरीजों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। नियुक्त किए गए सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सीनियर की निगरानी में काम करेंगे। ये डॉक्टर ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। गंभीर मरीजों की मॉनिटरिंग और नियमित जांच में इनकी अहम जिम्मेदारी होगी।  

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