फारबिसगंज शहर में शनिवार देर शाम आई तेज आंधी और तूफान के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल सदर रोड पर रेलवे परिसर की जमीन में स्थित एक विशाल पेड़ अचानक तेज आवाज के साथ सड़क पर धराशायी हो गया। पेड़ गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना के कारण सदर रोड पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ की चपेट में आने से सड़क किनारे स्थित चार दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि वेलकम मोबाइल दुकान के सामने खड़ी दो बाइक बुरी तरह दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय पेड़ गिरा, उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी थी। गनीमत रही कि दुकानदार और राहगीर समय रहते वहां से हट गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के दौरान कई लोग बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने के तुरंत बाद इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। विद्युत तार क्षतिग्रस्त होने की आशंका के कारण प्रशासन ने एहतियातन बिजली सप्लाई रोक दी। अंधेरा छाने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय समाजसेवी मनोज जायसवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन को रेलवे परिसर की जमीन पर मौजूद पुराने और जर्जर पेड़ों की नियमित छंटाई करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदर रोड से सटे कई पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरे हुए पेड़ को हटाकर यातायात सुचारू कराया जाए। लोगों का कहना है कि जान-माल की बड़ी क्षति तो नहीं हुई, लेकिन दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। यदि समय रहते प्रशासन सतर्क नहीं हुआ तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। देर रात तक सड़क को खाली कराने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास जारी रहा। फारबिसगंज शहर में शनिवार देर शाम आई तेज आंधी और तूफान के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल सदर रोड पर रेलवे परिसर की जमीन में स्थित एक विशाल पेड़ अचानक तेज आवाज के साथ सड़क पर धराशायी हो गया। पेड़ गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना के कारण सदर रोड पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ की चपेट में आने से सड़क किनारे स्थित चार दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि वेलकम मोबाइल दुकान के सामने खड़ी दो बाइक बुरी तरह दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय पेड़ गिरा, उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी थी। गनीमत रही कि दुकानदार और राहगीर समय रहते वहां से हट गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के दौरान कई लोग बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने के तुरंत बाद इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। विद्युत तार क्षतिग्रस्त होने की आशंका के कारण प्रशासन ने एहतियातन बिजली सप्लाई रोक दी। अंधेरा छाने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय समाजसेवी मनोज जायसवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन को रेलवे परिसर की जमीन पर मौजूद पुराने और जर्जर पेड़ों की नियमित छंटाई करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदर रोड से सटे कई पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरे हुए पेड़ को हटाकर यातायात सुचारू कराया जाए। लोगों का कहना है कि जान-माल की बड़ी क्षति तो नहीं हुई, लेकिन दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। यदि समय रहते प्रशासन सतर्क नहीं हुआ तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। देर रात तक सड़क को खाली कराने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास जारी रहा।


