भागलपुर में कृषि विभाग ने खाद(यूरिया-डीएपी) की बिक्री पर सख्ती बढ़ा दी है। सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी करते हुए नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति उर्वरक की बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि अलग-अलग कंपनियों से प्राप्त उर्वरकों को विक्रेता गोदामों में सुरक्षित तरीके से भंडारित करें। वर्तमान समय में उर्वरकों की खपत कम है। कृषि गतिविधियों में कमी के कारण यह अवधि ‘लीन पीरियड’ के रूप में चल रही है। ऐसे में अनावश्यक बिक्री या अवैध वितरण से बचने के लिए विभाग ने सख्त निगरानी की व्यवस्था की है। अनुशंसा के बाद ही खाद बिक्री की अनुमति अगर किसी पंचायत में किसी विशेष फसल के लिए उर्वरक की आवश्यकता होती है, तो संबंधित कृषि समन्वयक और प्रखंड कृषि पदाधिकारी की अनुशंसा के बाद ही खाद की बिक्री की अनुमति दी जाएगी। कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को आदेश का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया है। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। भागलपुर में कृषि विभाग ने खाद(यूरिया-डीएपी) की बिक्री पर सख्ती बढ़ा दी है। सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी करते हुए नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति उर्वरक की बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि अलग-अलग कंपनियों से प्राप्त उर्वरकों को विक्रेता गोदामों में सुरक्षित तरीके से भंडारित करें। वर्तमान समय में उर्वरकों की खपत कम है। कृषि गतिविधियों में कमी के कारण यह अवधि ‘लीन पीरियड’ के रूप में चल रही है। ऐसे में अनावश्यक बिक्री या अवैध वितरण से बचने के लिए विभाग ने सख्त निगरानी की व्यवस्था की है। अनुशंसा के बाद ही खाद बिक्री की अनुमति अगर किसी पंचायत में किसी विशेष फसल के लिए उर्वरक की आवश्यकता होती है, तो संबंधित कृषि समन्वयक और प्रखंड कृषि पदाधिकारी की अनुशंसा के बाद ही खाद की बिक्री की अनुमति दी जाएगी। कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को आदेश का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया है। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


