नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में अव्यवस्थाएं और अनियमितताएं बरतने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशों के बाद सहकारिता उप आयुक्त ने मंगलवार शाम तीन खरीदी केंद्र प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही 12 समितियों को भविष्य की खरीदी प्रक्रियाओं से अपात्र घोषित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 11 मई को हुई टीएल बैठक में कलेक्टर ने उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा की थी। जांच में सामने आया कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई समितियों ने हम्मालों की व्यवस्था नहीं की। इस जानबूझकर की गई लापरवाही के कारण केंद्रों पर तौल में भारी देरी हुई और किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। ये प्रभारी हुए सस्पेंड, प्रबंधकों पर भी गिरी गाज ड्यूटी में लापरवाही पर बी-पैक्स सेमरीखुर्द के सहायक समिति प्रबंधक सुरेश कुमार चौरे, बीजी वेयर हाउस (खपरिया) के प्रभारी सुनील कुमार वर्मा और श्रीकृष्ण वेयरहाउस (बिसौनीकलां) के प्रभारी प्रद्युम्न कुमार यादव को सस्पेंड किया गया है। रमपुरा सोसायटी के प्रबंधक धर्मेंद्र पाराशर, खपरिया के संजय दुबे और कोठरा के सुनील मुकाती को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया गया है। वहीं बैंक कैडर के दो प्रबंधकों- बिसौनीकलां के दयाशंकर दादोरिया और पगढाल के मानसिंह अहिरवार के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ को निर्देशित किया गया है। इन 12 समितियों से 3 दिन में मांगा गया जवाब
आगामी खरीदी से बाहर (अपात्र) करने के लिए डोलरिया, खपरिया, बिसौनीकलां, नानपा, पगढाल, सोमलवाडा, बागलखेडी, ऑखमऊ, कोठरा, रमपुरा, तरोनकलां और बनखेड़ी समितियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को 3 दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देना होगा, जिसके आधार पर अंतिम कार्रवाई तय होगी।


