मुजफ्फरपुर में आंधी-बारिश, 60किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा:दिन में छाया अंधेरा, कच्चे लीची और आम टूट कर गिरे

मुजफ्फरपुर में आंधी-बारिश, 60किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा:दिन में छाया अंधेरा, कच्चे लीची और आम टूट कर गिरे

मुजफ्फरपुर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी और बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर बागवानों के लिए आफत है। खासकर लीची और आम की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज झोंकों के कारण पेड़ों पर लगे कच्चे लीची और आम बड़ी संख्या में टूटकर जमीन पर गिर गए। शाही लीची के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर में नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम की कुछ तस्वीरें… दिन में छाया अंधेरा, हेडलाइट ऑन कर चले वाहन मौसम के अचानक बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखा। दिन के समय ही आसमान में घने बादल छा गए और अंधेरा सा माहौल बन गया। हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर चलने वाले वाहनों को हेडलाइट ऑन कर चलना पड़ा। कई जगह दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मुजफ्फरपुर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी और बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर बागवानों के लिए आफत है। खासकर लीची और आम की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज झोंकों के कारण पेड़ों पर लगे कच्चे लीची और आम बड़ी संख्या में टूटकर जमीन पर गिर गए। शाही लीची के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर में नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम की कुछ तस्वीरें… दिन में छाया अंधेरा, हेडलाइट ऑन कर चले वाहन मौसम के अचानक बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखा। दिन के समय ही आसमान में घने बादल छा गए और अंधेरा सा माहौल बन गया। हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर चलने वाले वाहनों को हेडलाइट ऑन कर चलना पड़ा। कई जगह दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।  

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