आंधी-पानी ने रोकी रफ्तार:दो विमान डायवर्ट, राजधानी समेत कई ट्रेनें फंसीं, बिहटा के बीच ओवरहेड वायर पर पेड़ गिरा

आंधी-पानी ने रोकी रफ्तार:दो विमान डायवर्ट, राजधानी समेत कई ट्रेनें फंसीं, बिहटा के बीच ओवरहेड वायर पर पेड़ गिरा

आंधी-बारिश से विमान और ट्रेनें प्रभावित: कई फ्लाइट्स डायवर्ट, घंटों रुकी रहीं ट्रेनें
बुधवार की शाम आई आंधी-बारिश ने विमानों और ट्रेनों की रफ्तार रोक दी। एअर इंडिया की दिल्ली से आने वाली फ्लाइट को वाराणसी, जबकि इंडिगो की कोलकाता से आने वाली फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। दोनों विमानों में 175 यात्री थे। एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-746 को मौसम की खराबी के कारण लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। यह फ्लाइट समय पर पटना एयरपोर्ट आ चुकी थी, पर विजिबिलिटी कम रहने की वजह से तीन बार हवा में चक्कर काटने के बाद वाराणसी चली गई। इस विमान को शाम 6:36 बजे पटना में लैंड करना था, पर लैंडिंग 7:20 बजे वाराणसी में हुई। बाद में यह फ्लाइट रात करीब 9 बजे पटना आई। इसके अलावा कोलकाता से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई-895 को भी खराब मौसम की वजह से लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। उधर, स्पाइसजेट की मुंबई-पटना, इंडिगो एयरलाइंस की दिल्ली-पटना, एअर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु-पटना समेत तीन जोड़ी फ्लाइट्स करीब 1 घंटा की देरी से पटना पहुंचीं। जहां-तहां खड़ी रहीं ट्रेनें पटना-दिल्ली रेललाइन पर बिहटा-कुल्हड़िया के बीच ओवरहेड वायर (OHE) पर पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। राजेंद्रनगर तेजस राजधानी शाम 7:55 से 9 बजे तक फुलवारी शरीफ में रुकी रही। संपूर्ण क्रांति पटना जंक्शन पर और मगध एक्सप्रेस बिहटा स्टेशन पर रुकी रही। डाउन लाइन में 03294 नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन आरा में रुकी रही। कई ट्रेनें बिहिया और बक्सर आदि स्टेशनों पर रुकी रहीं। करीब रात 8:45 बजे ट्रैक क्लियर होने के बाद ट्रेनों को रवाना किया गया। शहर के कई इलाकों में देर रात तक कटी रही बिजली आंधी-पानी के दौरान एक दर्जन से अधिक फीडर ब्रेकडाउन में चले गए। वहीं, इंसुलेटर पंक्चर होने से शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही। फ्यूज कॉल की शिकायतें दोगुनी से अधिक बढ़ गईं। कंकड़बाग, पटना सिटी, गुलजारबाग, अशोक राजपथ, राजेंद्रनगर, दीघा, सगुना मोड़, राजा बाजार, बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र, बाइपास, बेउर आदि इलाकों में देर रात तक सप्लाई सामान्य हो सकी। पेसू (PESU) के इंजीनियरों के मुताबिक, आंधी-पानी के बाद बिजली की खपत घटकर 300 मेगावाट हो गई, जो आंधी के पहले 500 मेगावाट से अधिक थी। आंधी के कारण सुरक्षा के मद्देनजर कुछ फीडरों को बंद किया गया था। वहीं, पेड़ गिरने से कुछ जगहों पर तार टूटने के कारण सप्लाई बाधित हुई। देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई चालू कर दी गई। आंधी-बारिश से विमान और ट्रेनें प्रभावित: कई फ्लाइट्स डायवर्ट, घंटों रुकी रहीं ट्रेनें
बुधवार की शाम आई आंधी-बारिश ने विमानों और ट्रेनों की रफ्तार रोक दी। एअर इंडिया की दिल्ली से आने वाली फ्लाइट को वाराणसी, जबकि इंडिगो की कोलकाता से आने वाली फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। दोनों विमानों में 175 यात्री थे। एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-746 को मौसम की खराबी के कारण लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। यह फ्लाइट समय पर पटना एयरपोर्ट आ चुकी थी, पर विजिबिलिटी कम रहने की वजह से तीन बार हवा में चक्कर काटने के बाद वाराणसी चली गई। इस विमान को शाम 6:36 बजे पटना में लैंड करना था, पर लैंडिंग 7:20 बजे वाराणसी में हुई। बाद में यह फ्लाइट रात करीब 9 बजे पटना आई। इसके अलावा कोलकाता से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई-895 को भी खराब मौसम की वजह से लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। उधर, स्पाइसजेट की मुंबई-पटना, इंडिगो एयरलाइंस की दिल्ली-पटना, एअर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु-पटना समेत तीन जोड़ी फ्लाइट्स करीब 1 घंटा की देरी से पटना पहुंचीं। जहां-तहां खड़ी रहीं ट्रेनें पटना-दिल्ली रेललाइन पर बिहटा-कुल्हड़िया के बीच ओवरहेड वायर (OHE) पर पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। राजेंद्रनगर तेजस राजधानी शाम 7:55 से 9 बजे तक फुलवारी शरीफ में रुकी रही। संपूर्ण क्रांति पटना जंक्शन पर और मगध एक्सप्रेस बिहटा स्टेशन पर रुकी रही। डाउन लाइन में 03294 नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन आरा में रुकी रही। कई ट्रेनें बिहिया और बक्सर आदि स्टेशनों पर रुकी रहीं। करीब रात 8:45 बजे ट्रैक क्लियर होने के बाद ट्रेनों को रवाना किया गया। शहर के कई इलाकों में देर रात तक कटी रही बिजली आंधी-पानी के दौरान एक दर्जन से अधिक फीडर ब्रेकडाउन में चले गए। वहीं, इंसुलेटर पंक्चर होने से शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही। फ्यूज कॉल की शिकायतें दोगुनी से अधिक बढ़ गईं। कंकड़बाग, पटना सिटी, गुलजारबाग, अशोक राजपथ, राजेंद्रनगर, दीघा, सगुना मोड़, राजा बाजार, बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र, बाइपास, बेउर आदि इलाकों में देर रात तक सप्लाई सामान्य हो सकी। पेसू (PESU) के इंजीनियरों के मुताबिक, आंधी-पानी के बाद बिजली की खपत घटकर 300 मेगावाट हो गई, जो आंधी के पहले 500 मेगावाट से अधिक थी। आंधी के कारण सुरक्षा के मद्देनजर कुछ फीडरों को बंद किया गया था। वहीं, पेड़ गिरने से कुछ जगहों पर तार टूटने के कारण सप्लाई बाधित हुई। देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई चालू कर दी गई।  

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