Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है। बीएसई सेंसेक्स 0.95 फीसदी या 756 अंक गिरकर 78,516 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 0.81 फीसदी या 198 अंक टूटकर 24,378 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 10 शेयर हरे निशान पर और 20 शेयर लाल निशान पर थे।
IT सेक्टर में भारी बिकवाली
आईटी सेक्टर में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी आईटी 3.87 फीसदी गिरकर बंद हुआ है। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो 0.62 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.78 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.15 फीसदी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक में 0.45 फीसदी और निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 2.20 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इससे इतर सबसे अधिक बढ़त निफ्टी केमिकल्स में 1.02 फीसदी दर्ज हुई। इसके अलावा, निफ्टी 500 हेल्थकेयर में 0.10 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.48 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 0.54 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.16 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी में 0.75 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
आज क्यों गिरा शेयर बाजार?
- बैंक और IT शेयरों में मुनाफावसूली
लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने बैंक और IT सेक्टर में मुनाफा निकालना शुरू किया है। निफ्टी बैंक पिछले तीन सत्रों में करीब 2.3% चढ़ा था, जिसके बाद इसमें 0.43% की गिरावट आई। वहीं, IT सेक्टर में तो ज्यादा दबाव दिखा। कमजोर तिमाही नतीजों और कंपनियों की सतर्क टिप्पणी के चलते निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3.89% टूट गया। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स करीब 1,285 अंक (1.6%) और निफ्टी 50 करीब 380 अंक (1.6%) चढ़ चुके थे, इसलिए गिरावट स्वाभाविक भी मानी जा रही है।
- अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने की बात कही है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि बातचीत कब शुरू होगी और मुद्दों का समाधान कैसे निकलेगा। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance का पाकिस्तान दौरा भी फिलहाल टल गया है। पश्चिम एशिया में तनाव बना रहने से निवेशकों में चिंता है, क्योंकि लंबा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है और महंगाई बढ़ा सकता है।
- कमजोर ग्लोबल मार्केट
एशियाई बाजारों में भी खास उत्साह नहीं दिखा। जापान का Nikkei और कोरिया का Kospi मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखी गई। ईरान द्वारा शांति वार्ता को ठुकराने के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। साथ ही मजबूत होता डॉलर और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स भी भारत जैसे उभरते बाजारों पर दबाव डाल रही हैं।
- कच्चा तेल
ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं, जो चिंता की बात है। महंगा कच्चा तेल कंपनियों की लागत बढ़ाता है और मुनाफे पर असर डालता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट के विनोद नायर के मुताबिक, इससे कंपनियों की कमाई में 2% से 4% तक की कमी आ सकती है। अगर अमेरिका-ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो यह जोखिम कम हो सकता है।
- तकनीकी कारण
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान के अनुसार, बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है, लेकिन ओवरबॉट स्थिति के कारण थोड़ी मुनाफावसूली हो सकती है। 24,500 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके ऊपर बाजार 25,750–25,800 तक जा सकता है। लेकिन अगर 24,500 के नीचे गिरता है तो तेज गिरावट संभव है। 24,300 के नीचे क्लोजिंग बाजार के लिए नकारात्मक संकेत होगा।


