SSB ने नवजात को बेचने की कोशिश नाकाम की:किशनगंज में मां को हिरासत में लिया, भारत-नेपाल बॉर्डर पर बच्चा सुरक्षित रेस्क्यू

SSB ने नवजात को बेचने की कोशिश नाकाम की:किशनगंज में मां को हिरासत में लिया, भारत-नेपाल बॉर्डर पर बच्चा सुरक्षित रेस्क्यू

किशनगंज जिले के गलगलिया थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा से सटे गलगलिया-भातगांव बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला को अपने दो माह के नवजात बच्चे को कथित तौर पर ढाई लाख रुपये में बेचने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिया गया। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक संयुक्त अभियान में बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पकड़ी गई महिला की पहचान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा (हाथखोला) निवासी अर्जुन यादव की पत्नी रिंकू यादव (37) के रूप में हुई है। AHTU और NGO प्रतिनिधि शामिल एसएसबी के अनुसार, बरामद शिशु का जन्म 19 जून 2026 को हुआ था। 41वीं वाहिनी एसएसबी को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक महिला अपने नवजात बच्चे को बड़ी रकम के बदले किसी व्यक्ति को सौंपने के लिए गलगलिया-भातगांव बस स्टैंड पहुंचने वाली है। इस सूचना पर 41वीं वाहिनी की ‘ए’ कंपनी निमुगुड़ी और ‘जी’ कंपनी भातगांव की संयुक्त टीम ने सादी वर्दी में क्षेत्र की निगरानी शुरू की। इस अभियान में सीमांत मुख्यालय रानीडांगा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और किशनगंज की स्वयंसेवी संस्था ‘राहत’ के प्रतिनिधि भी शामिल थे। महिला के बस स्टैंड पहुंचते ही टीम ने उसे बच्चे के साथ पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। 2.5 लाख रुपए में थी बेचने की तैयारी प्रारंभिक जांच में पता चला कि महिला राजस्थान के एक व्यक्ति से मिलने आई थी और कथित तौर पर बच्चे को 2.5 लाख रुपये में सौंपने की तैयारी थी। हालांकि, महिला ने पूछताछ में दावा किया कि वह बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया के तहत सौंप रही थी। गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि जांच में पुष्टि हुई है कि बरामद शिशु उसी महिला का जैविक बेटा है। मामले में पैसे के लेन-देन और गोद देने की प्रक्रिया की वैधता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई महिला और बच्चे को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को मानव तस्करी और अवैध बाल सौदेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षाबलों की सतर्कता से एक मासूम बच्चे को संभावित अवैध सौदे का शिकार बनने से बचा लिया गया। किशनगंज जिले के गलगलिया थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा से सटे गलगलिया-भातगांव बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला को अपने दो माह के नवजात बच्चे को कथित तौर पर ढाई लाख रुपये में बेचने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिया गया। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक संयुक्त अभियान में बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पकड़ी गई महिला की पहचान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा (हाथखोला) निवासी अर्जुन यादव की पत्नी रिंकू यादव (37) के रूप में हुई है। AHTU और NGO प्रतिनिधि शामिल एसएसबी के अनुसार, बरामद शिशु का जन्म 19 जून 2026 को हुआ था। 41वीं वाहिनी एसएसबी को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक महिला अपने नवजात बच्चे को बड़ी रकम के बदले किसी व्यक्ति को सौंपने के लिए गलगलिया-भातगांव बस स्टैंड पहुंचने वाली है। इस सूचना पर 41वीं वाहिनी की ‘ए’ कंपनी निमुगुड़ी और ‘जी’ कंपनी भातगांव की संयुक्त टीम ने सादी वर्दी में क्षेत्र की निगरानी शुरू की। इस अभियान में सीमांत मुख्यालय रानीडांगा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और किशनगंज की स्वयंसेवी संस्था ‘राहत’ के प्रतिनिधि भी शामिल थे। महिला के बस स्टैंड पहुंचते ही टीम ने उसे बच्चे के साथ पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। 2.5 लाख रुपए में थी बेचने की तैयारी प्रारंभिक जांच में पता चला कि महिला राजस्थान के एक व्यक्ति से मिलने आई थी और कथित तौर पर बच्चे को 2.5 लाख रुपये में सौंपने की तैयारी थी। हालांकि, महिला ने पूछताछ में दावा किया कि वह बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया के तहत सौंप रही थी। गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि जांच में पुष्टि हुई है कि बरामद शिशु उसी महिला का जैविक बेटा है। मामले में पैसे के लेन-देन और गोद देने की प्रक्रिया की वैधता की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई महिला और बच्चे को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को मानव तस्करी और अवैध बाल सौदेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षाबलों की सतर्कता से एक मासूम बच्चे को संभावित अवैध सौदे का शिकार बनने से बचा लिया गया।  

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