कुरुक्षेत्र में पति राजेश की हत्या के बाद उसके शरीर से आंतें, किडनी और लीवर का हिस्सा निकालने वाली आरोपी विमला की मानसिक स्थिति की अब मेडिकल बोर्ड जांच करेगा। 27 अगस्त को बेहतर इलाज के लिए उसे चंडीगढ़ PGI रेफर किया गया था, लेकिन विमला ने वहां इलाज करवाने से इनकार कर दिया। इसके अगले ही दिन उसे वापस LNJP अस्पताल लाया गया। LNJP में मनोरोग विशेषज्ञ ने उसकी काउंसलिंग और मानसिक स्थिति को जांचा। उसके व्यवहार को देखते हुए आशंका जताई है कि वह किसी भी समय हिंसक हो सकती है। उसके साथ रहने वाले अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बताया गया है। बोर्ड करेगा जांच और लेगा फैसला आज सोमवार को LNJP अस्पताल में मेडिकल बोर्ड बनाकर उसकी मानसिक स्थिति दोबारा से जांच की जाएगी। बोर्ड यह तय करेगा कि विमला को किस तरह का उपचार दिया जाना चाहिए और आगे उसे कहां रखा जाए। इस बोर्ड में PGI के मनोरोग विशेषज्ञ को शामिल किया जा सकता है। डॉक्टरों ने माना- विमला के हिंसक होने का खतरा LNJP अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, विमला की मानसिक स्थिति और उसके व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन उपाध्याय और मनोरोग विशेषज्ञ की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। डॉ. गुंजन के मुताबिक, विमला की कमर में ज्यादा चोट लगी है। उसे बेडरेस्ट की जरूरत है। PGI से मिला मेडिकल नाेट अस्पताल के RMO डॉ. बलराज ने बताया कि PGI की ओर से मेडिकल नोट भेजा गया है। इसमें लिखा है कि विमला PGI में अपना इलाज नहीं करवाना चाहती। इसी वजह से उसे वापस कुरुक्षेत्र लाया गया। PGI के मेडिकल नोट में उसके हिंसक होने की आशंका की बात भी शामिल है। पति की हत्या के बाद निकाले अंग पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को राजेश की हत्या के बाद उसकी पत्नी विमला ने उसके शरीर को सीने से लेकर प्राइवेट पार्ट तक काट दिया था। पुलिस को मौके से राजेश की आंतें, किडनी और लीवर का हिस्सा प्लास्टिक की बोरी में मिला था। विमला ने शरीर से अंग निकालने के लिए तीन चाकुओं का इस्तेमाल किया था। बरामद अंगों को जांच के लिए पंचकूला की लैब भेजा गया है।

