चॉकलेट के बहाने मासूम बच्ची से की थी दरिंदगी की कोशिश, सोनभद्र की कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, फूट-फूट कर रोया दोषी

चॉकलेट के बहाने मासूम बच्ची से की थी दरिंदगी की कोशिश, सोनभद्र की कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, फूट-फूट कर रोया दोषी

सोनभद्र की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने के करीब 4.5 साल पुराने मामले में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी शख्स को दोषी मानते हुए उसे 20 साल जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी के ऊपर 11 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। सजा सुनते ही कोर्ट परिसर में ही दोषी फूट फूटकर रोने लगा। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

चाकू दिखाकर धमकाया

बताया जा रहा है कि दोषी ने 9 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की थी। इसके साथ ही उसे चाकू दिखाकर डराया धमकाया था। दोषी के चंगुल से छूटकर भागी बच्ची ने अपने परिजन को बताया था कि दोषी ने उसे चॉकलेट देने का लालच दिया था और अपने साथ घर ले जाकर दुष्कर्म करने की कोशिश की थी।

2021 की है घटना

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 दिसंबर 2021 की है, जहां रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला राजू हरिजन शाम के समय बच्ची को चॉकलेट देने के बहाने लेकर अपने घर लेकर गया। घर जाने के बाद उसने दरवाजा बंद कर दिया और चाकू दिखाकर बच्ची को धमकाने लगा। अभियोजन पक्ष ने दलील जी थी कि राजू ने बच्ची को यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी है। इसके बाद वह बच्ची के साथ गलत हरकत करने लगा। वहीं, किसी तरह खुद को राजू के चंगूल से छुड़ाकर बच्ची अपने परिजन तक पहुंची और पूरी बात बता दी।

पीड़िता की मां की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने पीड़ित बच्ची की मां की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर जाकर जांच शुरू की और राजू के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी जुटाए। इसके बाद कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल की गई थी। बताया जा रहा है कि अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ओमकार शुक्ला की अदालत ने फैसला देते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। वहीं, सरकारी गवाहो के बयान और साक्ष्य के आधार पर राजू को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसके ऊपर 11 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है।

बच्ची को मिलेगी अर्थदंड की राशि

कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोषी से जुर्माने के रूप में प्राप्त होने वाले 11 हजार रुपए को पीड़ित बच्ची को मुआवजे के रूप में सौंपा जाएगा। कोर्ट ने कहा है कि दोषी राजू ने एक मासूम बच्ची की अस्मात के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस किया है। ऐसा कृत्य करने वाले लोग समाज में रहने के काबिल नहीं है। वहीं, सजा का ऐलान होने के बाद राजू फूट फूटकर रोने लगा और उसे जेल भेज दिया गया है।

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