SSC GD परीक्षा में अव्यवस्था देख भड़के छात्र: जमकर हुआ बवाल, दोबारा परीक्षा कराने के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला

SSC GD परीक्षा में अव्यवस्था देख भड़के छात्र: जमकर हुआ बवाल, दोबारा परीक्षा कराने के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला

SSC GD परीक्षा के दौरान सेंट एंड्यूज डिग्री कॉलेज, गोरखपुर केंद्र पर भारी अव्यवस्था सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि करीब 500 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया, जबकि केंद्र पर केवल 250 छात्रों के बैठने की व्यवस्था थी। ऐसे में 250 से अधिक अभ्यर्थियों को गेट पर ही रोक दिया गया, जिससे नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्र बोले- समय, पैसा और मेहनत, सब बर्बाद हो गया

दूर-दराज जिलों और अन्य प्रदेशों से परीक्षा देने पहुंचे छात्रों ने बताया कि वे लंबा सफर तय कर केंद्र तक पहुंचे थे। उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि जब केंद्र की क्षमता सीमित थी तो अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को बुलाना पूरी तरह लापरवाही है। इससे उनका समय, पैसा और मेहनत सब बर्बाद हो गया।

गेट पर रोके जाने पर धरने पर बैठे छात्र, माहौल गर्म

गेट पर रोके जाने के बाद आक्रोशित छात्र धरने पर बैठ गए और कॉलेज प्रबंधन व परीक्षा एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि यह सीधे-सीधे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करने लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।

हंगामे की सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी

कॉलेज पर स्थिति बिगड़ती देख कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित छात्रों को शांत कराया। ASP/CO कैंट अरुण कुमार एस व सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार अरविंद नाथ पांडेय भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद एसएससी के जांच अधिकारी (आईओ) से बातचीत की गई।

मंगलवार को होगी दोबारा परीक्षा

SSC के अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद यह जानकारी सामने आई कि जिन छात्रों की परीक्षा छूट गई है, उनके लिए मंगलवार को दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि उनसे लिखित आवेदन मांगा जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि लिखित देने के बाद वास्तव में उनकी परीक्षा होगी या नहीं।

दूर-दराज से आए छात्रों की बढ़ी परेशानियां

छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि जो अभ्यर्थी दूर-दराज से आए हैं, वे तब तक कहां ठहरेंगे और क्या व्यवस्था होगी। किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब केंद्र पर 250 छात्रों की ही क्षमता थी, तो उतने ही अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था। बाकी छात्रों को अन्य तिथि या दूसरे केंद्र पर परीक्षा देने का अवसर दिया जा सकता था। इस तरह की अव्यवस्था ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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