गोविंद हत्याकांड में सीन रीक्रिएट, खून से सना कपड़ा मिला:बाबुल चौधरी मास्टरमाइंड, रक्सौल से अरेस्ट सौरभ मेन शूटर; 20 दिन से रखा था नजर

गोविंद हत्याकांड में सीन रीक्रिएट, खून से सना कपड़ा मिला:बाबुल चौधरी मास्टरमाइंड, रक्सौल से अरेस्ट सौरभ मेन शूटर; 20 दिन से रखा था नजर

मुजफ्फरपुर के चर्चित शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पहले गोविंद के करीबी ओंकार सिंह को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद गुरुवार को दरभंगा एयरपोर्ट से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला और एफआईआर में नामजद बाबुल चौधरी गिरफ्तार किया गया। वहीं गुरुवार देर रात पारू थाना क्षेत्र के रहने वाले सौरभ को रक्सौल से दबोच लिया गया। शुक्रवार शाम पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर पहुंची और घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट कराया। इस दौरान पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश, रेकी और वारदात के बाद आरोपियों के भागने के तरीके का खुलासा हुआ। बाबुल निकला पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि जांच में बाबुल चौधरी इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला है। उसी ने पूरी हत्या की साजिश रची और शूटरों की व्यवस्था की। पुलिस के अनुसार बाबुल खुद गोविंद को गोली मारना चाहता था, लेकिन वारदात के समय मौके पर नहीं पहुंच सका। जांच में सामने आया है कि बाबुल ने गोविंद की हत्या की योजना कई सप्ताह पहले ही बना ली थी। उसने उसी अपार्टमेंट में, जहां गोविंद रहता था, उससे दो मंजिल ऊपर चौथी मंजिल पर कमरा किराए पर लिया था। यहीं पर शूटरों को ठहराया गया था ताकि गोविंद की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सौरभ ने चलाई पहली गोली, फिर हुई हाथापाई पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार सौरभ इस हत्याकांड का मुख्य शूटर है। पूछताछ में पता चला कि जैसे ही गोविंद दूसरे तल्ले पर स्थित अपने फ्लैट की ओर पहुंचा, सौरभ ने उस पर पहली गोली चला दी। गोली लगने के बावजूद गोविंद ने हिम्मत नहीं हारी और सौरभ के साथ हाथापाई भी की। लेकिन ताबड़तोड़ फायरिंग के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गोविंद को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हत्या के बाद दोस्त के घर पहुंचा शूटर पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या के बाद सौरभ सीधे अपने एक दोस्त के घर पहुंचा। वहां उसने खून से सने कपड़े और इस्तेमाल की गई पिस्तौल छिपा दी। अगले दिन उसने दोस्त को कपड़े जला देने के लिए कहा और पिस्तौल लेकर वहां से निकल गया। शुक्रवार को सीन रीक्रिएट के दौरान पुलिस ने खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। इन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि कपड़ों पर लगा खून गोविंद का ही है या नहीं। हत्या से 20 दिन पहले शुरू हुई थी रेकी पुलिस के मुताबिक गोविंद की हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। इसकी तैयारी करीब 20 दिन पहले शुरू हो गई थी। शूटर अपार्टमेंट में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। गोविंद के आने-जाने, मिलने-जुलने और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहे थे। सूत्रों के अनुसार शूटरों को हत्या के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल वारदात से एक दिन पहले यानी 30 मई को उपलब्ध कराई गई थी। करोड़ों की प्रॉपर्टी बना हत्या का कारण पूछताछ में बाबुल चौधरी ने बताया कि गोविंद के साथ उसका कई जमीनों को लेकर विवाद चल रहा था। इसमें मदनी इलाके की करीब तीन कट्ठा जमीन, कलमबाग चौक के पास 15 कट्ठा जमीन और विश्वविद्यालय से जुड़े एक टेंडर का विवाद शामिल था। पुलिस को आशंका है कि करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी डीलिंग और हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद ही इस हत्याकांड की सबसे बड़ी वजह बना। कौन है सौरभ? गिरफ्तार सौरभ का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कई जमीन सौदों में अलग-अलग पहचान और नामों का इस्तेमाल किया था। पुलिस का मानना है कि सौरभ पेशेवर तरीके से वारदात को अंजाम देने में सक्षम था और इसी कारण उसे मुख्य शूटर की भूमिका दी गई। गर्लफ्रेंड की हत्या का जिम्मेदार गोविंद को मानता था सौरभ पुलिस सूत्रों के अनुसार सौरभ और गोविंद के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर भी विवाद था। कुछ रकम गोविंद के पास फंसी हुई थी, जिसे लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। इसके अलावा जांच में एक और पहलू सामने आया है। सौरभ अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या के लिए भी गोविंद को जिम्मेदार मानता था। वह पेशे से डांसर थी। 2 साल पहले दरभंगा में उसकी हत्या हो गई थी। हालांकि पुलिस अभी इस बिंदु की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों और सहयोगियों की तलाश जारी है। एफआईआर में नामजद महिला समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ हो रही है और उनके बयान के आधार पर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुजफ्फरपुर के चर्चित शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पहले गोविंद के करीबी ओंकार सिंह को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद गुरुवार को दरभंगा एयरपोर्ट से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला और एफआईआर में नामजद बाबुल चौधरी गिरफ्तार किया गया। वहीं गुरुवार देर रात पारू थाना क्षेत्र के रहने वाले सौरभ को रक्सौल से दबोच लिया गया। शुक्रवार शाम पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर पहुंची और घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट कराया। इस दौरान पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश, रेकी और वारदात के बाद आरोपियों के भागने के तरीके का खुलासा हुआ। बाबुल निकला पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि जांच में बाबुल चौधरी इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला है। उसी ने पूरी हत्या की साजिश रची और शूटरों की व्यवस्था की। पुलिस के अनुसार बाबुल खुद गोविंद को गोली मारना चाहता था, लेकिन वारदात के समय मौके पर नहीं पहुंच सका। जांच में सामने आया है कि बाबुल ने गोविंद की हत्या की योजना कई सप्ताह पहले ही बना ली थी। उसने उसी अपार्टमेंट में, जहां गोविंद रहता था, उससे दो मंजिल ऊपर चौथी मंजिल पर कमरा किराए पर लिया था। यहीं पर शूटरों को ठहराया गया था ताकि गोविंद की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सौरभ ने चलाई पहली गोली, फिर हुई हाथापाई पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार सौरभ इस हत्याकांड का मुख्य शूटर है। पूछताछ में पता चला कि जैसे ही गोविंद दूसरे तल्ले पर स्थित अपने फ्लैट की ओर पहुंचा, सौरभ ने उस पर पहली गोली चला दी। गोली लगने के बावजूद गोविंद ने हिम्मत नहीं हारी और सौरभ के साथ हाथापाई भी की। लेकिन ताबड़तोड़ फायरिंग के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गोविंद को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हत्या के बाद दोस्त के घर पहुंचा शूटर पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या के बाद सौरभ सीधे अपने एक दोस्त के घर पहुंचा। वहां उसने खून से सने कपड़े और इस्तेमाल की गई पिस्तौल छिपा दी। अगले दिन उसने दोस्त को कपड़े जला देने के लिए कहा और पिस्तौल लेकर वहां से निकल गया। शुक्रवार को सीन रीक्रिएट के दौरान पुलिस ने खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। इन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि कपड़ों पर लगा खून गोविंद का ही है या नहीं। हत्या से 20 दिन पहले शुरू हुई थी रेकी पुलिस के मुताबिक गोविंद की हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। इसकी तैयारी करीब 20 दिन पहले शुरू हो गई थी। शूटर अपार्टमेंट में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। गोविंद के आने-जाने, मिलने-जुलने और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहे थे। सूत्रों के अनुसार शूटरों को हत्या के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल वारदात से एक दिन पहले यानी 30 मई को उपलब्ध कराई गई थी। करोड़ों की प्रॉपर्टी बना हत्या का कारण पूछताछ में बाबुल चौधरी ने बताया कि गोविंद के साथ उसका कई जमीनों को लेकर विवाद चल रहा था। इसमें मदनी इलाके की करीब तीन कट्ठा जमीन, कलमबाग चौक के पास 15 कट्ठा जमीन और विश्वविद्यालय से जुड़े एक टेंडर का विवाद शामिल था। पुलिस को आशंका है कि करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी डीलिंग और हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद ही इस हत्याकांड की सबसे बड़ी वजह बना। कौन है सौरभ? गिरफ्तार सौरभ का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कई जमीन सौदों में अलग-अलग पहचान और नामों का इस्तेमाल किया था। पुलिस का मानना है कि सौरभ पेशेवर तरीके से वारदात को अंजाम देने में सक्षम था और इसी कारण उसे मुख्य शूटर की भूमिका दी गई। गर्लफ्रेंड की हत्या का जिम्मेदार गोविंद को मानता था सौरभ पुलिस सूत्रों के अनुसार सौरभ और गोविंद के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर भी विवाद था। कुछ रकम गोविंद के पास फंसी हुई थी, जिसे लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। इसके अलावा जांच में एक और पहलू सामने आया है। सौरभ अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या के लिए भी गोविंद को जिम्मेदार मानता था। वह पेशे से डांसर थी। 2 साल पहले दरभंगा में उसकी हत्या हो गई थी। हालांकि पुलिस अभी इस बिंदु की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों और सहयोगियों की तलाश जारी है। एफआईआर में नामजद महिला समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ हो रही है और उनके बयान के आधार पर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

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