समस्तीपुर में पिछले सोमवार (2 जून) को 10 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में बच्ची की मां का दावा है कि ओझा-गुनी के चक्कर में उसकी बेटी की हत्या की गई है। मां का कहना है आरोपी और उसके पिता ओझा-गुनी का काम करता था। आरोपी के पिता ने पहले साजिश के तहत अपने बेटे से मेरी बेटी को बहाने से अपने घर ले गया था। फिर नरबलि के लिए पूजा की। फिर आरोपी के पिता ने अपनी पत्नी के साथ किसी काम से बाहर चले गए। जब पति-पत्नी लौटते, उसके बेटे ने मेरी बेटे से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी और घर के पीछे बोरी में बंद कर फेंक दिया। 8 घंटे बाद उसकी लाश बरामद की गई थी। पुलिस ने आरोपी बेटे वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपी के पिता महेंद्र महतो, उसकी पत्नी किरण देवी फरार हैं। अब मां का कहना है- लाश के बदले लाश चाहिए। बच्ची की रेप और हत्या का क्या मामला था? बच्ची को आरोपी किस बहाने से अपने घर ले गया था? नरबलि का क्या मामला है? पुलिस नरबलि, रेप और हत्या के आरोपों को लेकर क्या बता रही है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला साइकिल सिखाने के बहाने बच्ची को घर से उठाकर ले गया मां के मुताबिक, 1 जून को दोपहर करीब 1 बजे ओझा गुनी करने वाले अधेड़ ने अपने बेटे से कहा कि जाओ पड़ोस की 10 साल की बच्ची को किसी बहाने से घर लेकर आओ। नरबलि देनी है। इसके बाद आरोपी बच्ची के घर आया। बच्ची घर के बाहर ही खेलती मिल गई। आरोपी ने कहा कि चलो तुम्हें साइकिल चलाना सीखा देता हूं। बच्ची को घर लाने के बाद आरोपी के पिता ने बहाने से उसे नरबलि के लिए पूजा पर बैठा दिया। पूजा के दौरान कुछ जरूरत पड़ने पर ओझा ने अपने बेटे से कहा कि तुम बच्ची का ख्याल रखो, मैं तुम्हारी मां के साथ बाहर जा रहा हूं, आने के बाद नरबलि दूंगा। आरोप है कि ओझा के बाहर जाते ही आरोपी ने घर में मौजूद बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। जब कुछ घंटे बाद ओझा अपनी पत्नी संग लौटा तो उसने देखा कि बच्ची मृत पड़ी है। इसके बाद पहले उसने अपने बेटे को भगाया, फिर शाम होते ही बच्ची की लाश को बोरी में डालकर घर के पिछले हिस्से में खिड़की के पास फेंक कर पत्नी संग फरार हो गया। बच्ची की लाश मिलने के बाद परिजनों का हंगामा उधर, दोपहर करीब 1 बजे घर से निकली बच्ची जब शाम 7 बजे तक घर नहीं लौटी तो परिजन ने खोजबीन शुरू की। दो घंटे बाद यानी रात करीब 9 बजे बच्ची की लाश आरोपी के घर के पीछे खिड़की के पास बोरी में बंद मिली। बच्ची की लाश मिलने के बाद मृतका के परिजन और पड़ोसियों ने हंगामा शुरू कर दिया। बच्ची की जिस घर के पिछले हिस्से में लाश मिली थी, उस घर का मालिक अपनी पत्नी और बेटे के साथ फरार मिला। इसके बाद मृतका के परिजन ने पहले पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद देर रात करीब 2 घंटे तक समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य सड़क के अखाड़ा घाट चौक के पास सड़क जाम रखा। बाद में पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद हटवाया। अब जानिए, ओझा आखिर बच्ची की नरबलि क्यों देना चाहता था रेप और हत्या के मुख्य आरोपी की बेटी की दो महीने पहले मौत हुई थी। बच्ची के दादा गांव में ओझा-गुनी का काम करते थे। पोती की मौत के बाद उसके दादा किसी बच्ची की नरबलि देना चाहते थे, ताकि उसके घर का काला साया हट सके। इसके लिए उसने पड़ोस की 10 साल की बच्ची को चुना था। मृतका की मां के मुताबिक, आरोपी पड़ोसी था, लिहाजा मेरी बेटी उसके घर आना-जाना करती थी। उन्होंने बताया कि आरोपी भी कभी-कभी घूमने के लिए मेरे घर की ओर चला आता था। आरोपी ताड़ी बेचकर गुजारा करता है। आरोपी 2 बेटी और 2 बेटों का यानी चार बच्चों का पिता है, दो बेटियों में से एक की मौत हो चुकी है। दो महीने पहले बेटी की मौत हुई थी। बेटी की मौत के बाद अचानक आरोपी अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने लगा, जिसके बाद वो अपने मायके भागकर चली गई। मैं आरोपी के लिए फांसी की सजा चाहती हूं। मेरी बेटी की मौत के बदले आरोपी वीरेंद्र, उसकी मां किरण देवी और पिता लाल बाबू के लिए फांसी की सजा की मांग करती हूं, मुझे मेरी बेटी की लाश के बदले आरोपी और उसके माता-पिता की लाश चाहिए। गांव के लोगों ने वारदात वाले दिन सड़क जाम करने के बाद अगले दिन भी यानी मंगलवार को भी सड़क पर उतरकर हंगामा किया था। इसके बाद आरोपी के घर में आग लगा दी थी, तोड़फोड़ भी किया था। खिड़की से लेकर दरवाजे तक को गांव के लोगों ने निकाल दिया था। आरोपी के घर पर ओझा-गुनी के क्या-क्या सबूत मिले आरोपी के घर के अंदर उसकी मृतक बेटी की तस्वीर के सामने पूजा-पाठ के साथ ही तंत्र-मंत्र के सामान मिले हैं। बच्ची की लाश जिस खिड़की के पास फेंकी गई थी। ठीक उसके पास कोने में तंत्रमंत्र के लिए रखी गई गुड़िया, बताशा, सिंदूर, चूड़ी, अरवा चावल मिला है। ये सामान देखने के बाद गांव के लोगों का दावा है कि बच्ची की ओझा-गुनी के चक्कर में नरबलि दी गई है। समस्तीपुर के एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह भी इस बात से इनकार नहीं कर रहे। एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस की टीम दो एंगल पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रेप की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सदर DSP- 2 संजय कुमार ने बताया कि आरोप की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह के निर्देश पर इस मामले में SIT का गठन किया गया था। वैज्ञानिक और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। DSP ने बताया कि बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। इस घटना में पुलिस की टीम रेप के एंगल पर भी जांच कर रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अगर रिपोर्ट में रेप की बात सामने आती है तो इस मामले में पास्को एक्ट की धारा को भी जोड़ा जाएगा। समस्तीपुर में पिछले सोमवार (2 जून) को 10 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में बच्ची की मां का दावा है कि ओझा-गुनी के चक्कर में उसकी बेटी की हत्या की गई है। मां का कहना है आरोपी और उसके पिता ओझा-गुनी का काम करता था। आरोपी के पिता ने पहले साजिश के तहत अपने बेटे से मेरी बेटी को बहाने से अपने घर ले गया था। फिर नरबलि के लिए पूजा की। फिर आरोपी के पिता ने अपनी पत्नी के साथ किसी काम से बाहर चले गए। जब पति-पत्नी लौटते, उसके बेटे ने मेरी बेटे से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी और घर के पीछे बोरी में बंद कर फेंक दिया। 8 घंटे बाद उसकी लाश बरामद की गई थी। पुलिस ने आरोपी बेटे वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपी के पिता महेंद्र महतो, उसकी पत्नी किरण देवी फरार हैं। अब मां का कहना है- लाश के बदले लाश चाहिए। बच्ची की रेप और हत्या का क्या मामला था? बच्ची को आरोपी किस बहाने से अपने घर ले गया था? नरबलि का क्या मामला है? पुलिस नरबलि, रेप और हत्या के आरोपों को लेकर क्या बता रही है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला साइकिल सिखाने के बहाने बच्ची को घर से उठाकर ले गया मां के मुताबिक, 1 जून को दोपहर करीब 1 बजे ओझा गुनी करने वाले अधेड़ ने अपने बेटे से कहा कि जाओ पड़ोस की 10 साल की बच्ची को किसी बहाने से घर लेकर आओ। नरबलि देनी है। इसके बाद आरोपी बच्ची के घर आया। बच्ची घर के बाहर ही खेलती मिल गई। आरोपी ने कहा कि चलो तुम्हें साइकिल चलाना सीखा देता हूं। बच्ची को घर लाने के बाद आरोपी के पिता ने बहाने से उसे नरबलि के लिए पूजा पर बैठा दिया। पूजा के दौरान कुछ जरूरत पड़ने पर ओझा ने अपने बेटे से कहा कि तुम बच्ची का ख्याल रखो, मैं तुम्हारी मां के साथ बाहर जा रहा हूं, आने के बाद नरबलि दूंगा। आरोप है कि ओझा के बाहर जाते ही आरोपी ने घर में मौजूद बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। जब कुछ घंटे बाद ओझा अपनी पत्नी संग लौटा तो उसने देखा कि बच्ची मृत पड़ी है। इसके बाद पहले उसने अपने बेटे को भगाया, फिर शाम होते ही बच्ची की लाश को बोरी में डालकर घर के पिछले हिस्से में खिड़की के पास फेंक कर पत्नी संग फरार हो गया। बच्ची की लाश मिलने के बाद परिजनों का हंगामा उधर, दोपहर करीब 1 बजे घर से निकली बच्ची जब शाम 7 बजे तक घर नहीं लौटी तो परिजन ने खोजबीन शुरू की। दो घंटे बाद यानी रात करीब 9 बजे बच्ची की लाश आरोपी के घर के पीछे खिड़की के पास बोरी में बंद मिली। बच्ची की लाश मिलने के बाद मृतका के परिजन और पड़ोसियों ने हंगामा शुरू कर दिया। बच्ची की जिस घर के पिछले हिस्से में लाश मिली थी, उस घर का मालिक अपनी पत्नी और बेटे के साथ फरार मिला। इसके बाद मृतका के परिजन ने पहले पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद देर रात करीब 2 घंटे तक समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य सड़क के अखाड़ा घाट चौक के पास सड़क जाम रखा। बाद में पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद हटवाया। अब जानिए, ओझा आखिर बच्ची की नरबलि क्यों देना चाहता था रेप और हत्या के मुख्य आरोपी की बेटी की दो महीने पहले मौत हुई थी। बच्ची के दादा गांव में ओझा-गुनी का काम करते थे। पोती की मौत के बाद उसके दादा किसी बच्ची की नरबलि देना चाहते थे, ताकि उसके घर का काला साया हट सके। इसके लिए उसने पड़ोस की 10 साल की बच्ची को चुना था। मृतका की मां के मुताबिक, आरोपी पड़ोसी था, लिहाजा मेरी बेटी उसके घर आना-जाना करती थी। उन्होंने बताया कि आरोपी भी कभी-कभी घूमने के लिए मेरे घर की ओर चला आता था। आरोपी ताड़ी बेचकर गुजारा करता है। आरोपी 2 बेटी और 2 बेटों का यानी चार बच्चों का पिता है, दो बेटियों में से एक की मौत हो चुकी है। दो महीने पहले बेटी की मौत हुई थी। बेटी की मौत के बाद अचानक आरोपी अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने लगा, जिसके बाद वो अपने मायके भागकर चली गई। मैं आरोपी के लिए फांसी की सजा चाहती हूं। मेरी बेटी की मौत के बदले आरोपी वीरेंद्र, उसकी मां किरण देवी और पिता लाल बाबू के लिए फांसी की सजा की मांग करती हूं, मुझे मेरी बेटी की लाश के बदले आरोपी और उसके माता-पिता की लाश चाहिए। गांव के लोगों ने वारदात वाले दिन सड़क जाम करने के बाद अगले दिन भी यानी मंगलवार को भी सड़क पर उतरकर हंगामा किया था। इसके बाद आरोपी के घर में आग लगा दी थी, तोड़फोड़ भी किया था। खिड़की से लेकर दरवाजे तक को गांव के लोगों ने निकाल दिया था। आरोपी के घर पर ओझा-गुनी के क्या-क्या सबूत मिले आरोपी के घर के अंदर उसकी मृतक बेटी की तस्वीर के सामने पूजा-पाठ के साथ ही तंत्र-मंत्र के सामान मिले हैं। बच्ची की लाश जिस खिड़की के पास फेंकी गई थी। ठीक उसके पास कोने में तंत्रमंत्र के लिए रखी गई गुड़िया, बताशा, सिंदूर, चूड़ी, अरवा चावल मिला है। ये सामान देखने के बाद गांव के लोगों का दावा है कि बच्ची की ओझा-गुनी के चक्कर में नरबलि दी गई है। समस्तीपुर के एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह भी इस बात से इनकार नहीं कर रहे। एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस की टीम दो एंगल पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रेप की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सदर DSP- 2 संजय कुमार ने बताया कि आरोप की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह के निर्देश पर इस मामले में SIT का गठन किया गया था। वैज्ञानिक और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। DSP ने बताया कि बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। इस घटना में पुलिस की टीम रेप के एंगल पर भी जांच कर रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अगर रिपोर्ट में रेप की बात सामने आती है तो इस मामले में पास्को एक्ट की धारा को भी जोड़ा जाएगा।


