सम्राट चौधरी बोले- लोगों को हर हाल में मिले पानी:समीक्षा बैठक में निर्देश, कहा- टूटी सड़कों की जल्द हो मरम्मत; योजनाओं में लापरवाही न हो

सम्राट चौधरी बोले- लोगों को हर हाल में मिले पानी:समीक्षा बैठक में निर्देश, कहा- टूटी सड़कों की जल्द हो मरम्मत; योजनाओं में लापरवाही न हो

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार विभागवार समीक्षा बैठक कर सरकार की योजनाओं और कामकाज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सचिवालय पर हुई बैठक में उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में लोगों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। नल-जल योजना पर लगातार निगरानी का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिया कि नल-जल योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जहां भी लोगों को पानी की समस्या हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं बैठक में पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण का काम लगातार जारी रहना चाहिए और जो सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऊर्जा विभाग की समीक्षा में सोलर मिशन पर जोर इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की हाई लेवल समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने बिहार को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा विजन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करेगा और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगा। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर युद्ध स्तर पर सोलर संयंत्र लगाए जाएं। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से जमीन पर उतारने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जहां-जहां सोलर पैनल लगाए गए हैं, वहां उनका रखरखाव हर हाल में बेहतर होना चाहिए। सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा पर लग सकती है रोक बिहार सरकार अब खर्चों में कटौती और “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक अगले छह महीने तक मंत्री और अधिकारी सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर जल्द ही आदेश जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसका मसौदा लगभग तैयार कर लिया गया है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने पेट्रोल बचत और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की बात कही थी। अफसर-कर्मियों को बिहार घूमने के निर्देश सरकार ने अफसरों और कर्मचारियों को सपरिवार बिहार के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए भी प्रेरित करने का फैसला लिया है। तय योजना के तहत उन्हें हर तीन महीने में शुक्रवार और शनिवार को किसी पर्यटन स्थल पर जाकर रात्रि विश्राम करना होगा। सरकार टीए-डीए देगी, जबकि बाकी खर्च कर्मचारी स्वयं वहन करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर फीडबैक भी मिलेगा। कारकेड छोटा, ‘नो व्हीकल डे’ और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कारकेड को भी सीमित कर दिया है। अब उनके काफिले में केवल तीन गाड़ियां रखी गई हैं। राज्यपाल ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने, “नो व्हीकल डे” मनाने और अधिक से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही “वर्क फ्रॉम होम” को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार विभागवार समीक्षा बैठक कर सरकार की योजनाओं और कामकाज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सचिवालय पर हुई बैठक में उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में लोगों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। नल-जल योजना पर लगातार निगरानी का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिया कि नल-जल योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जहां भी लोगों को पानी की समस्या हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं बैठक में पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण का काम लगातार जारी रहना चाहिए और जो सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऊर्जा विभाग की समीक्षा में सोलर मिशन पर जोर इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की हाई लेवल समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने बिहार को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा विजन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करेगा और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगा। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर युद्ध स्तर पर सोलर संयंत्र लगाए जाएं। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से जमीन पर उतारने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जहां-जहां सोलर पैनल लगाए गए हैं, वहां उनका रखरखाव हर हाल में बेहतर होना चाहिए। सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा पर लग सकती है रोक बिहार सरकार अब खर्चों में कटौती और “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के मुताबिक अगले छह महीने तक मंत्री और अधिकारी सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर जल्द ही आदेश जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसका मसौदा लगभग तैयार कर लिया गया है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने पेट्रोल बचत और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की बात कही थी। अफसर-कर्मियों को बिहार घूमने के निर्देश सरकार ने अफसरों और कर्मचारियों को सपरिवार बिहार के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए भी प्रेरित करने का फैसला लिया है। तय योजना के तहत उन्हें हर तीन महीने में शुक्रवार और शनिवार को किसी पर्यटन स्थल पर जाकर रात्रि विश्राम करना होगा। सरकार टीए-डीए देगी, जबकि बाकी खर्च कर्मचारी स्वयं वहन करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर फीडबैक भी मिलेगा। कारकेड छोटा, ‘नो व्हीकल डे’ और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कारकेड को भी सीमित कर दिया है। अब उनके काफिले में केवल तीन गाड़ियां रखी गई हैं। राज्यपाल ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने, “नो व्हीकल डे” मनाने और अधिक से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही “वर्क फ्रॉम होम” को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।  

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