मुंगेर में मछुआरों को मिला मत्स्य विपणन किट:नाव-जाल समेत कई सामान बांटे गए, सरकार दे रही 90% अनुदान, मछली कारोबार बढ़ाने पर जोर

मुंगेर में मछुआरों को मिला मत्स्य विपणन किट:नाव-जाल समेत कई सामान बांटे गए, सरकार दे रही 90% अनुदान, मछली कारोबार बढ़ाने पर जोर

मुंगेर में डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार को संग्रहालय सभागार परिसर में मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत मत्स्य विपणन किट का वितरण किया गया। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-2026 के अंतर्गत किया गया। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी मछली पालकों और मछुआरों को दो आइस बॉक्स, एक हांडी, जाल, नाप-तौल मशीन और नाव जैसी सामग्री प्रदान की गई। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने स्वयं लाभार्थियों को ये किट वितरित किए। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे। मछुआरों और मछली पालकों को काफी फायदा होगा
इस मौके पर जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि मत्स्य विपणन किट का वितरण जिले के 9 प्रखंडों से आए लाभार्थियों को किया गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मछुआरा भाइयों का उत्साहवर्धन करना है, साथ ही नए युवाओं को मछली पालन से जोड़ना है ताकि आने वाले समय में मुंगेर मछली उत्पादन में अग्रणी जिला बन सके और इससे जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ सके। जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी मनीष रस्तोगी ने जानकारी दी कि मत्स्य विपणन किट वितरण के तहत आज चार लाभार्थियों को नाव और जाल दिए गए हैं, जिस पर सरकार द्वारा 90 प्रतिशत का अनुदान दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों के मत्स्य से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिला है, जिससे उनकी आजीविका में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इन किटों से मछुआरा भाइयों को मछली पकड़ने और बेचने में सुविधा होगी। लाभार्थी मनीष कुमार महराणा ने बताया कि मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत वितरित किए गए मत्स्य विपणन किट से मछुआरों और मछली पालकों को काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोग ताजी मछली बाजारों में बेच सकेंगे। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा मछुआरों और मछली पालकों को दी गई मदद को सराहनीय बताया। मुंगेर में डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार को संग्रहालय सभागार परिसर में मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत मत्स्य विपणन किट का वितरण किया गया। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-2026 के अंतर्गत किया गया। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी मछली पालकों और मछुआरों को दो आइस बॉक्स, एक हांडी, जाल, नाप-तौल मशीन और नाव जैसी सामग्री प्रदान की गई। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने स्वयं लाभार्थियों को ये किट वितरित किए। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे। मछुआरों और मछली पालकों को काफी फायदा होगा
इस मौके पर जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि मत्स्य विपणन किट का वितरण जिले के 9 प्रखंडों से आए लाभार्थियों को किया गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मछुआरा भाइयों का उत्साहवर्धन करना है, साथ ही नए युवाओं को मछली पालन से जोड़ना है ताकि आने वाले समय में मुंगेर मछली उत्पादन में अग्रणी जिला बन सके और इससे जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ सके। जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी मनीष रस्तोगी ने जानकारी दी कि मत्स्य विपणन किट वितरण के तहत आज चार लाभार्थियों को नाव और जाल दिए गए हैं, जिस पर सरकार द्वारा 90 प्रतिशत का अनुदान दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों के मत्स्य से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिला है, जिससे उनकी आजीविका में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इन किटों से मछुआरा भाइयों को मछली पकड़ने और बेचने में सुविधा होगी। लाभार्थी मनीष कुमार महराणा ने बताया कि मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत वितरित किए गए मत्स्य विपणन किट से मछुआरों और मछली पालकों को काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोग ताजी मछली बाजारों में बेच सकेंगे। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा मछुआरों और मछली पालकों को दी गई मदद को सराहनीय बताया।  

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