मुजफ्फरनगर में 17 वर्षीय हुजेफा उर्फ मन्नू के लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। परिवार ने आशंका जताई है कि उनका बेटा नहर में डूबा नहीं, बल्कि उसके साथ कोई वारदात हुई है। परिजनों ने थाना सिखेड़ा पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए विवेचना किसी अन्य थाने को सौंपने की मांग की है। थाना खालापार क्षेत्र निवासी मुमताज अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 16 मई 2026 को उनके बेटे हुजेफा को अबुजर, सुहैल उर्फ रिहान और आहद नामक युवक दुकान से चितौड़ा झाल पर नहाने के लिए ले गए थे। शाम को ये तीनों युवक हुजेफा की मोटरसाइकिल लेकर घर लौटे और परिजनों को बताया कि नहाते समय हुजेफा नहर में डूब गया। घटना के बाद से लगातार तलाश के बावजूद, 10 दिन बीत जाने पर भी हुजेफा का कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों का तर्क है कि यदि वह वास्तव में नहर में डूबा होता, तो अब तक उसका शव बरामद हो जाना चाहिए था। इसी आधार पर परिवार को आशंका है कि हुजेफा की हत्या कर शव को छिपाया गया है। मुमताज अहमद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, समय रहते न तो प्रभावी तलाशी अभियान चलाया गया और न ही गोताखोरों व डॉग स्क्वॉड की पर्याप्त सहायता ली गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जिन युवकों के साथ हुजेफा गया था, उनसे भी सख्ती से पूछताछ नहीं की गई है। पीड़ित परिवार अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। उन्होंने नामजद युवकों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने और मामले की विवेचना किसी अन्य थाने या उच्च अधिकारी को सौंपने की अपील की है।


